जबलपुर में ‘ट्विशा शर्मा’ जैसा केस, बाथरूम में गिरकर पत्नी की हुई मौत, बेटी के परिजनों ने पति पर लगाए दहेज प्रताड़ना के आरोप
कविता मर्डर मिस्ट्री
MP News: भोपाल की ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अभी सुर्खियों में है. इसी बीच जबलपुर में आर्मी में पदस्थ मेजर डॉक्टर द्वारा एडवोकेट पत्नी की हत्या का मामला सामने आया है. घटना 10 जून 2025 की है जब गोराबाजार थाना क्षेत्र में मिलिट्री हॉस्पिटल में पदस्थ डॉक्टर ओम नागार्जुन की पत्नी एडवोकेट कविता की मौत हो गई. शुरुआती जानकारी सामने आई कि कविता बाथरूम में गिर गई थी जिसके बाद पति नागार्जुन उसे कार में लेकर तीन घंटे बाद पास के मिलिट्री हॉस्पिटल पहुंचे थे, जबकि जैक आरसी से हॉस्पिटल की दूरी महज 5 से 10 मिनट की है.
सिर पर मिले चोट के निशान
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर्स ने जांच के दौरान कविता की मौत की पुष्टि कर दी. जिसके बाद उसका पोस्टमार्टम करवाया गया जिसमें सिर में चोटों का जिक्र तो किया गया लेकिन कार्डियक अरेस्ट को मौत का कारण बताया गया. इसके बाद कविता के परिजनों को उसकी मौत की जानकारी दी गई और परिवार चेन्नई से जबलपुर पहुंचा.
जबलपुर पहुंचने के बाद कविता के पिता पी दक्षिणामूर्ति ने कविता की मौत के लिए पति नागार्जुन पर संदेह जाहिर किया. गोराबाजार पुलिस थाने में FIR दर्ज करने और जांच करने के लिए आवेदन दिया. जहां पुलिस ने आज तक FIR दर्ज नहीं की बल्कि परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया.

जिला अदालत पहुंचे परिजन
कविता की मौत के बाद जब पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, तब परिजनों ने जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया. जहां शादी के पहले से लेकर शादी के बाद तक कविता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के सबूत भी रखे गए. कविता के परिवार के वकील मनीष वर्मा ने बताया कि कविता के पति ओम नागार्जुन ने शादी के पहले करीब 55 लाख रुपए कीमत की कार की डिमांड की थी लेकिन लड़की पक्ष की ओर से उन्हें XUV 700 कार, 100 तोला सोना और पूरा गृहस्थी का सामान दहेज में दिया था.
शादी में 2.5 करोड़ रुपये खर्च आया
पूरी शादी में करीब ढाई करोड़ रुपए खर्च किए थे. शादी के बाद नागार्जुन ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल खोलने के लिए 50 लाख रुपयों की डिमांड की जबकि नागार्जुन के पिता ने 2 करोड़ रुपए देने के लिए दबाव बनाया. जब कविता के परिवार ने उनकी मांगें पूरी नहीं की तो उसे ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा. वहीं कविता को नागार्जुन के दूसरी महिलाओं से नाजायज संबंधों का पता चला, जिसके कारण पति पत्नी में अक्सर विवाद होने लगा. इसी बीच मेजर नागार्जुन की जबलपुर में पोस्टिंग हो गई.जिस दिन नागार्जुन और कविता जबलपुर पहुँचे उसी दिन कविता की अचानक मौत हो गई. बताया गया कि बाथरूम में गिरने से कविता को अटैक आया था लेकिन कविता के घाव कुछ और ही कहानी बता रहे थे.शिकायत के बावजूद भी पुलिस ने ना तो कोई जांच की ना ही एफआईआर दर्ज की.
पिता ने कहा – सोची समझी साजिश
चेन्नई निवासी पिता पी दक्षिणामूर्ति ने जिला न्यायालय में रिवीजन दाखिल कर गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि इससे पूर्व प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दीपा पाल की कोर्ट में परिवाद दायर कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी, लेकिन राहत न मिलने पर रिवीजन दायर किया गया. पिता ने अर्जी में आरोप लगाए हैं कि उनकी पुत्री कविता का विवाह मृत्यु के तीन माह पूर्व 2 मार्च, 2025 को तमिलनाडु निवासी मेजर डॉ. ओम नागार्जुन के साथ हुआ था.
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पति ने दहेज के लोभ में आकर अपने माता-पिता के साथ मिलकर उनकी बेटी को प्रताड़ित किया और षड्यंत्रपूर्वक हत्या कर दी. कोर्ट से एफआईआर के निर्देश जारी न होने के कारण रिवीजन फाइल किया गया. पी दक्षिणामूर्ति का कहना है की उनकी बेटी की मृत्यु प्राकृतिक नहीं हुई है बल्कि उसकी सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई है वह अपनी बेटी के न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ेंगे.