Jabalpur: MP-MLA कोर्ट से मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को बड़ी राहत, तिरंगे के अपमान वाली याचिका खारिज
कैबिनेट मंत्री राव उदय प्रताप सिंह
Jabalpur: मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह को एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान से जुड़े मामले में जबलपुर की विशेष MP-MLA कोर्ट सुनवाई के बाद मंत्री के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट माना है कि इस मामले में मंत्री के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई अपराध नहीं बनता है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा
दरअसल कैबिनेट मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से संबंधित परिवाद दायर हुआ था. कोर्ट ने इस परिवाद को पर्याप्त सबूत न होने के कारण खारिज कर दिया है. कोर्ट को सुनवाई के दौरान ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो की तिरंगा मंत्री के निर्देश पर लगाया गया था. पेश की गई फोटो में भी वाहन नंबर नहीं दिख रहा है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल ये पूरा मामला 11 अगस्त का है, जब नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में एक यात्रा निकाली जा रही थी. आरोप है कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा मंत्री उदय प्रताप सिंह के पैर से टकरा गया था. इस घटना को तिरंगे का अपमान बताते हुए विवाद खड़ा हो गया था. गोटेगांव निवासी कौशल नाम के व्यक्ति ने पहले इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी.
कौशल ने दर्ज करवाया था परिवाद
जब पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं की गई तो कौशल ने जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और परिवाद दायर कर मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी. इस मामले पर अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों और सबूतों का अवलोकन करने के बाद याचिका को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया और मंत्री राव उदय प्रताप को कानूनी राहत दे दी है.