17 साल लंबा इंतजार खत्म! कटनी में बन रही 11.95KM लंबी टनल का काम लगभग पूरा, इन 5 जिलों को होगा फायदा
कटनी में बन रही 11.95 किमी लंबी टनल
Katni Water Tunnel: (यश खरे की रिपोर्ट) विकास की राह में आने वाली तमाम भौगोलिक चुनौतियों और बाधाओं को पार करते हुए आखिरकार मध्य प्रदेश ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर कदम बढ़ा दिए हैं. कटनी जिले में बन रही देश की सबसे लंबी वाटर टनल (स्लीमनाबाद टनल) का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. पिछले 17 वर्षों से चल रहे इस मेगा प्रोजेक्ट ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन अब जून के अंत तक इसकी खुदाई पूरी होने की उम्मीद है.
इन जिलों को होगा फायदा
इस टनल के शुरू होते ही नर्मदा नदी का पानी पहली बार विंध्य पर्वतमाला के सीने को चीरकर आगे बढ़ेगा और मध्य प्रदेश के 5 जिलों के लाखों लोगों की प्यास बुझाने के साथ-साथ खेतों को भी हरा-भरा करेगा. इस परियोजना से कटनी, मैहर, सतना, पन्ना और रीवा के लाखों लोगों को पेयजल और किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा.
85 मीटर खुदाई बाकी
करीब 11.95 किलोमीटर लंबी इस भूमिगत टनल में अब सिर्फ 85 मीटर खुदाई बाकी है. बरगी व्यपवर्तन योजना के तहत बन रही यह टनल पहली बार नर्मदा का पानी विंध्य क्षेत्र तक पहुंचाएगी. 17 साल की इस परियोजना में कठिन चट्टानें, 300 से ज्यादा सिंकहोल और कई तकनीकी चुनौतियां सामने आईं. अमेरिकी मशीनें भी यहां फेल हो गईं, लेकिन अब निर्माण अपने अंतिम पड़ाव पर है. समय के साथ इस प्रोजेक्ट की लागत पर असर हुआ है. पहले जहां इसकी अनुमानित लागत 799 करोड़ रुपये थे. अब ये बढ़कर 1500 करोड़ हो गई है.
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