‘बिना वारंट नहीं आएंगे…’, पूर्व प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ HC ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया
Umakant Umarav Arrest Warrant: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. रिटायर्ड असिस्टेंट फील्ड वेटेनरी ऑफिसर केके गर्ग की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक जैन की सिंगल बेंच ने ये आदेश दिया है. पूर्व प्रमुख सचिव की उपस्थिति को लेकर उच्च न्यायालय ने ये ऑर्डर जारी किया है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरा मामला जबलपुर के रहने वाले रिटायर्ड असिस्टेंट फील्ड वेटेनरी ऑफिसर केके गर्ग की याचिका से जुड़ा हुआ है. पद पर रहते हुए उनके वेतन से कुछ राशि काटी गई थी. 19 अगस्त 2025 को हाई कोर्ट ने राशि को वापस करने के लिए कहा था. अदालत ने 90 दिनों के भीतर राशि को लौटाने के लिए कहा था. इसके बाद समय पर राशि ना आने पर केके गर्ग ने अवमानना याचिका दायर की थी. इस दौरान उमराव पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव थे.
‘बिना वारंट नहीं आएंगे’
मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि उन्होंने कोर्ट रजिस्ट्री को एक चिट्ठी लिखकर मामले से पल्ला झाड़ लिया. उन्होंने न तो कोर्ट में पेश होने की जहमत उठाई और ना ही कोई अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की. ऐसा लगता है कि बिना गैर-ज़मानती वारंट जारी किए पूर्व प्रमुख सचिव कोर्ट में पेश नहीं होंगे. वारंट की तामीली के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर को आदेश जारी किया गया है. मामले की अगली सुनवाई 5 अक्तूबर 2026 को होगी.
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इन अधिकारियों पर भी हो चुकी है कार्रवाई
उमाकांत उमराव 1996 बैच के IAS अधिकारी हैं. उनके देवास मॉडल की देशभर में चर्चा रही है. सीएम मोहन यादव की सरकार में उन्हें खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव से हटाकर राजस्व मंडल ग्वालियर में सदस्य के रूप में पदस्थ कर दिया था. जस्टिस विवेक जैन पन्ना कलेक्टर उषा परमार, छिंदवाड़ा एसपी अजय पांडेय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुके हैं.