भोजन तीखा तो नहीं है? सिवनी कलेक्टर नेहा मीना ने बच्चों को हाथ से खिलाया खाना, अब हो रही है वाहवाही

Seoni Collector News: निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए खाने को टेस्ट किया. स्टील की थाली में उनके लिए खाना परोसा गया. उन्होंने रोटी और सब्जी का स्वाद लिया. खाना खाकर उन्होंने भोजन के स्वाद और गुणवत्ता के बारे में चर्चा की.
seoni collector neha meena ate meal with children at an Anganwadi.

सिवनी कलेक्टर नेहा मीना ने बच्चों के साथ खाया खाना

Seoni Collector News: (इनपुट – संजीव क्रिडिया) सिवनी कलेक्टर नेहा मीना की सादगी इन दिनों सुर्खियों में हैं. अपनी वर्किंग स्टाइल को लेकर वे हमेशा से लोगों के बीच चर्चा में रही हैं. एक बार फिर से उनके काम की तारीफ हो रही है. नेहा मीना औचक निरीक्षण पर एक आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचीं, जहां उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से खाना खिलाया.

बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में चर्चा की

कलेक्टर नेहा मीना कोहका और केकड़वानी आंगनबाड़ी का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं. जहां उन्होंने बच्चों के साथ वक्त बिताया और दुलार किया. उनसे पढ़ाई के बारे में चर्चा की. इसके साथ ही उनके परिवार के बारे में जाना और हालचाल पूछा.

बच्चों के साथ खाना खाया

निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए खाने को टेस्ट किया. स्टील की थाली में उनके लिए खाना परोसा गया. उन्होंने रोटी और सब्जी का स्वाद लिया. खाना खाकर उन्होंने भोजन के स्वाद और गुणवत्ता के बारे में चर्चा की. इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन बच्चों को उपलब्ध कराया जा सके.

खाना तीखा तो नहीं है?

जिस थाली कलेक्टर ने खाना खाया, उसी नौनिहालों को अपने हाथों से खाना खिलाया. इसके साथ ही बच्चों से पूछा कि खाना तीखा तो नहीं है. खाना अच्छा बना है या नहीं. बच्चों से कलेक्टर मीना ने कविताएं सुनी. अल्टाबेट और अंक पहचानकर लिखने पर उन्होंने तारीफ की और शाबाशी दी.

ये भी पढ़ें: International Yoga Day: जबलपुर में हुआ राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया योगाभ्यास

सोशल मीडिया पर लोग उनके इस मानवीय पहलू की सराहना करते हुए इसे प्रशासन और समाज के बीच विश्वास बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं. कलेक्टर का यह अंदाज न केवल बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आया, बल्कि आम लोगों के दिलों में भी अपनी अलग छाप छोड़ गया है.

ज़रूर पढ़ें