शहडोल डाकघर घोटाला मामले में 4 साल की सजा, 11.38 लाख की हुई थी धोखाधड़ी, जानें पूरा मामला
जिला कोर्ट, जबलपुर
जबलपुर सीबीआई विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता की अदालत ने 2019 में हुए फर्जीवाड़े के मामले में फैसला सुना दिया है. सीबीआई विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता की अदालत ने डाकघर में 11 लाख 38 हजार 500 रुपए की धोखाधड़ी के मामले में राम प्रकाश शर्मा तत्कालीन GDS पैकर, उप डाकघर जैतपुर जिला शहडोल को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है.
1 आरोपी की हो चुकी है मृत्यु
गौरतलब है कि इस धोखाधड़ी में तत्काल उपडाकपाल चेतरा अहिरवार भी आरोपी थे, लेकिन उनकी मृत्यु हो चुकी है. अदालत ने ये फैसला 30 सिंतबर 2026 को सुनाया है. बता दें कि ये मामला उप डाकघर जैतपुर, जिला शहडोल के अंतर्गत संचालित 17 बचत बैंक खातों से जुड़ा है. अधीक्षक डाकघर शहडोल की लिखित शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया था. आरोप था कि चेतराम अहिरवार और राम प्रकाश शर्मा ने अन्य अज्ञात लोगों के साथ आपराधिक साजिश कर डाक विभाग के शासकीय कोष को 11,38,500 रुपये की आर्थिक क्षति पुहंचाई थी.
अदालत ने सुनाई सजा
प्रकरण 3 जनवरी 2019 को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B सहपठित 201, 409, 420, 468, 471 और 477-A तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(a) के तहत दर्ज किया गया था. जांच के बाद मामला सीबीआई विशेष अदालत में पहुंचा. मामले पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने राम प्रकाश शर्मा को धारा 409 सहपठित 120-B IPC के तहत 4 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई. वहीं धारा 467 और 471 IPC के तहत 3 वर्ष का कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदंड लगाया गया.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(c) सहपठित धारा 13(2) के तहत भी 4 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है.
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