कौन हैं जनगढ़ सिंह श्याम? जिनकी 25 साल पहले जापान में हुई थी मौत, 41 साल बाद 1500 की पेटिंग 48 करोड़ में बिकी

Jangarh Singh Shyam Painting Auction: गोंड चित्रकार जनगढ़ सिंह श्याम की मौत साल 2001 में जापान के टोकामाची हो गई थी. अब 25 साल बाद उनकी कलाकृति को बहुत बड़ा सम्मान मिला है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 41 साल पहले जो पेंटिंग 1500 रुपये में बिकी थी. वही पेटिंग मुंबई में 48 करोड़ रुपये में नीलाम हुई है.
gond painter Jangarh Singh Shyam

गोंड चित्रकार जनगढ़ सिंह श्याम

Painting Sold For 48 Crore Rupees: गोंड चित्रकार जनगढ़ सिंह श्याम की मौत साल 2001 में जापान के टोकामाची हो गई थी. अब 25 साल बाद उनकी कलाकृति को बहुत बड़ा सम्मान मिला है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 41 साल पहले जो पेंटिंग 1500 रुपये में बिकी थी. वही पेटिंग मुंबई में 48 करोड़ रुपये में नीलाम हुई है.

कलाकृति की पूरी कहानी

जनगढ़ श्याम के बेटे मयंक के अनुसार 1980 के दशक में प्रसिद्ध कलाविद् और भारत भवन के निदेशक रहे जगदीश स्वामीनाथन ने पिता की प्रतिभा को पहचाना. उन्हें डिंडोरी के पाटनगढ़ से भोपाल लेकर आए. उन्होंने एक कलाकृति बनाई थी, जिसकी कीमत स्वामीनाथन ने कीमत 1500 रुपये बताई थी. जिस पर श्याम ने ऐतराज जताया था, लेकिन स्वामीनाथन ने नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि ये मात्र कागज का टुकड़ा नहीं है बल्कि एक कलाकार की तपस्या और त्याग है. बाद में इस पेंटिंग को पंडोल परिवार ने साल 1985 में 1500 रुपये में खरीद लिया था.

पेंटिंग में क्या-क्या है?

करोड़ों में नीलाम कलाकृति गोंड चित्रकारी की अद्वितीय उदाहरण है. इसमें एक नाम को धरती का प्रतीक बताया गया है. इसके ऊपर विशाल वृक्ष खड़ा हुआ है, जो नेचर और जिंदगी के रिश्ते को दिखाता है. इस कलाकृति का सार है कि जीवन का आधार ही धरती है.

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कौन हैं जनगढ़ सिंह श्याम?

जनगढ़ सिंह श्याम की गिनती देश के मशहूर चित्रकारों में होती है. गोंड चित्रकला को उन्होंने विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाया है. श्याम का जन्म साल 1962 में तत्कालीन मंडला (वर्तमान – डिंडोरी) के पाटनगढ़ में हुआ था. बचपन गरीबी में बीता. इसके साथ-साथ उन्होंने गोंड चित्रकारी के गुर सीखे. उनकी पेंटिंग की प्रदर्शनी भोपाल, नई दिल्ली, जापान, पेरिस और न्यू यॉर्क में हुई. मात्र 38 साल की उम्र में उनकी मृत्यु जापान में हुई. पूरे कला जगत को इससे धक्का लगा. उनकी एक अन्य पेंटिंग 4.5 करोड़ रुपये में नीलाम हो चुकी है.

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