दमोह में दुकान बंद होने के बाद भी धड़ल्ले से बिक रही शराब, शॉप के सामने ही ढक्कन खोलकर पीता नजर आया युवक

दुकान बंद होने के बाद भी युवक शराब की बोतल खरीदता है और दुकान के सामने ही खुलेआम बोतल का ढक्कन खोलकर पीना शुरू कर देता है.
Even after the liquor shop was closed in Damoh, liquor is being sold openly.

दमोह में ठेका बंद होने के बाद भी धड़ल्ले से शराब बिक रही है.

MP News: मध्य प्रदेश के दमोह में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. तेंदूखेड़ा इलाके में शराब की दुकान बंद होने के बावजूद खुलेआम ब्रिक्री की जा रही है. इसका वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दुकान बंद होने के बाद भी युवक शराब की बोतल खरीदता है और दुकान के सामने ही खुलेआम बोतल का ढक्कन खोलकर पीना शुरू कर देता है. वहीं घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.

नोट गिने और थमा दी शराब की बोतल

पूरा मामला तेंदूखेड़ा इलाके का है. यहां वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि शराब की दुकान बंद है. लेकिन इसके बावजूद दुकान के सामने कई व्यक्ति शराब लेने के लिए खड़े हैं. दुकान के बगल में ही एक रास्ते से एक युवक शराब की बोतलें लेकर आता है और पैसे लेकर बोतलें थमा देता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक दुकान के सामने ही बिना किसी डर के शराब की बोतल का ढक्कन खोलकर पीना शुरू कर देता है. शराब का अवैध कारोबार करने वालों को ना तो नियमों की चिंता है और ना कानून का खौफ. वहीं वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई की बात कहकर खानापूर्ति कर रहे हैं.

अवैध शराब की पेटी बरामद होने के बाद भी FIR नहीं

मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है. आरोप है कि अवैध शराब तस्करों पर पुलिस मेहरबान नजर आई और कार्रवाई की बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई. यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, FIR दर्ज कराने के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं को पूरी रात थाने के बाहर धरना देना पड़ा, फिर भी दरोगा ने FIR दर्ज नहीं की गई.

तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में जबलपुर स्टेट हाईवे पर रविवार शाम करीब 5 बजे एक लग्जरी कार से अवैध शराब की तस्करी पकड़ी गई. भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं का दावा है कि कार से 34 पेटी अवैध शराब बरामद हुई और यह अवैध कारोबार पिछले एक हफ्ते से लगातार चल रहा था.
संगठन का आरोप है कि पुलिस के ढीले रवैये और कथित मिलीभगत के चलते शराब तस्करों के हौसले बुलंद हैं. सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ, जब शराब से भरी कार पकड़े जाने और आरोपियों के हिरासत में होने के बावजूद घंटों तक FIR दर्ज नहीं की गई.

थाने के बाहर रातभर किया धरना प्रदर्शन

पुलिस की इस कार्यशैली से नाराज संगठन के कार्यकर्ताओं ने तेंदूखेड़ा थाने के बाहर रातभर धरना प्रदर्शन दिया. जिससे इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हुई. संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तेंदूखेड़ा शराब दुकान के मैनेजर और पुलिस की मिलीभगत से अवैध शराब ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाई जा रही है.

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