भोपाल में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, मुस्लिम समाज ने अंगदान किया, 2 मरीजों को लिवर-किडनी ट्रांसप्लांट से नया जीवन मिला
अंगदान के बाद किया गया सम्मान.
MP News: भोपाल में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली. मुस्लिम समाज में अंगदान के मामले कम देखने को मिलते हैं, लेकिन उन्होंने मानवता की मिसाल कायम करते हुए अंगदान कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया. पहली बार एक मुस्लिम परिवार ने अंगदान कर इंसानियत और मानवता की मिसाल कायम की. उनके इस निर्णय से निजी हॉस्पिटल के दो मरीजों को लिवर एवं किडनी ट्रांसप्लांट के माध्यम से नया जीवन मिला.
ब्रेन डेड के बाद परिवार ने लिया फैसला
भोपाल के एक निजी अस्पताल में एक बार फिर मानवता और अंगदान की प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली. केरल निवासी 42 वर्षीय सजना एस.ए. को गंभीर ब्रेन हैमरेज (SAH) की स्थिति में 15 मई 2026 को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान चिकित्सकों द्वारा उन्हें ब्रेन स्टेम डेड घोषित किया गया. कठिन समय में परिवार ने समाज के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए अंगदान का निर्णय लिया.

सजना एस.ए. के परिवार को इस कठिन स्थिति के बारे में पूरी तरह से समझाया गया और ब्रेन स्टेम डेथ की प्रक्रिया के बारे में बताया गया. परिवार ने मानवता की सेवा में अपना योगदान देते हुए स्वेच्छा से अंगदान करने का निर्णय लिया इस फैसले ने जरूरतमंद लोगों को नया जीवन देने में मदद की. परिजनों की सहमति के बाद अस्पताल की ट्रांसप्लांट टीम एवं अधिकृत प्राधिकरण की निगरानी में अंगदान प्रक्रिया पूरी की गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक लिवर एवं किडनी का आवंटन भोपाल के दो निजी अस्पताल को किया गया. पूरी प्रक्रिया NOTTO एवं अधिकृत समिति के दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न हुई.
पुलिस ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट टीम ने बताया कि अंगदान किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन बचाने का सबसे बड़ा उपहार है. अस्पताल प्रशासन ने महिला के परिवार के इस महान निर्णय को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया. यह सफल अंगदान कई जरूरतमंद मरीजों के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बनकर सामने आया.

अंतिम विदाई के समय सजना एस.ए. के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान एवं श्रद्धा के साथ पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देकर अस्पताल परिसर से अंतिम यात्रा के लिए रवाना किया गया. अस्पताल परिसर में अंगदान जैसे महान निर्णय के लिए परिजनों का सम्मान किया गया. यह भावुक क्षण न केवल अंगदान के महत्व को दर्शाता है, बल्कि समाज में मानवता, संवेदना और गंगा-जमुनी तहजीब की प्रेरणादायक मिसाल भी प्रस्तुत करता है.
ये भी पढ़ें: ज्योतिरादित्य सिंधिया की सादगी ने जीता कार्यकर्ताओं का दिल, खुद थाली लगाकर परोसा भोजन, साथ बैठकर खाया खाना