मां के सीने से लिपटे मासूम का आखिरी सफर, क्रूज हादसे का सबसे दर्दनाक मंजर, तस्वीर देख छलक उठेंगी आंखें
बरगी डैम हादसा, जबलपुर
Jabalpur Cruise Incident: मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में गुरुवार शाम बरगी डैम पर हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा पूरे देश की आत्मा को झकझोर गया. सैलानियों से भरा क्रूज अचानक बदले मौसम, तेज आंधी और उफनती लहरों के बीच मझधार में बेकाबू हुआ और देखते ही देखते पानी में समा गया. कुछ ही पलों में खुशी का सफर चीख-पुकार और मातम में बदल गया. अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, 22 को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि कई अब भी लापता हैं.
दिल दहला देने वाला हादसा
इस त्रासदी के बीच एक तस्वीर ने पूरे हादसे को एक दर्दनाक प्रतीक बना दिया. एक मां, जिसने मौत के सामने भी अपने अबोध बच्चे को नहीं छोड़ा. जब शव बाहर निकाले गए, तो मां और मासूम एक-दूसरे से लिपटे मिले. मां के हाथ बच्चे को ऐसे जकड़े थे, मानो वह आखिरी सांस तक उसे जिंदगी से जोड़कर रखना चाहती हो. यह दृश्य इतना मार्मिक था कि मौके पर मौजूद लोग फफक पड़े. ममता की यह आखिरी जंग हर दिल को चीर गई.
तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
हादसे के बाद तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, आर्मी, गोताखोर और प्रशासनिक टीमें रातभर जुटी रहीं. क्रूज को बाहर निकालने में रस्सा टूटने जैसी बाधाएं भी सामने आईं, जिससे अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया.
क्या सुरक्षा मानकों का पालन हुआ?
लेकिन इस हादसे ने कई बड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं. क्या मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज किया गया? क्या सुरक्षा मानकों का पालन हुआ? क्या यह हादसा टाला जा सकता था? आज जबलपुर शोक में डूबा है और उस मां की ममता एक ऐसी अमिट कहानी बन गई है, जो हमेशा याद दिलाएगी. मां का प्यार मौत से भी बड़ा होता है, लेकिन लापरवाही उससे भी ज्यादा घातक.
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