मऊगंज: आकांक्षा चतुर्वेदी की मौत पर सियासत गर्म, नेता प्रतिपक्ष ने परिवार को दिया 1 लाख का चेक
पीड़ित परिवार से मिले नेता प्रतिपक्ष
मऊगंज में नीट घोटाले से आहत होकर जान गंवाने वाली छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने रविवार को पीड़ित परिवार से फोन पर बात की और कांग्रेस विधायक दल की ओर से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की.
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के माध्यम से सिंघार ने आकांक्षा के परिजनों से बातचीत कर उनका दुख साझा किया. उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि आकांक्षा को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ेगी. सिंघार ने कहा कि मऊगंज की बेटी आकांक्षा चतुर्वेदी ने नीट पेपर लीक और व्यवस्था की विफलता से निराश होकर अपनी जान गंवा दी. यह केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि देश के लाखों युवाओं के टूटते विश्वास की दर्दनाक तस्वीर है. उन्होंने कहा कि नीट घोटाले और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा. युवाओं के भविष्य के साथ हुए इस अन्याय को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी.
कैसे हुई थी आकांक्षा की मौत
मऊगंज निवासी आकांक्षा चतुर्वेदी नीट की तैयारी कर रही थी. परिजनों के मुताबिक नीट परीक्षा में लगातार हो रही गड़बड़ियों, पेपर लीक की खबरों और अनिश्चितता से वह मानसिक रूप से परेशान थी. इसी निराशा में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया. आकांक्षा की मौत के बाद से इलाके में शोक के साथ आक्रोश भी है.
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस लगातार नीट परीक्षा में धांधली का मुद्दा उठा रही है. पार्टी का आरोप है कि एनटीए की लापरवाही के कारण लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है. उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में छात्र सड़कों पर हैं. सरकार आंख मूंदकर बैठी है. पेपर लीक माफिया को संरक्षण मिल रहा है.
सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और अब परीक्षाओं में भी पारदर्शिता नहीं रख पा रही. नीट , व्यापमं जैसे घोटालों ने मध्यप्रदेश को शर्मसार किया है. आकांक्षा जैसी होनहार बेटियों का जाना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है.
परिवार को सहायता
कांग्रेस विधायक दल की ओर से घोषित 1 लाख रुपये की राशि जल्द ही परिजनों को सौंपी जाएगी. सिंघार ने कहा कि यह मदद दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने का एक प्रयास है. लेकिन असली न्याय तभी होगा जब आकांक्षा जैसे बच्चों को ऐसी स्थिति में पहुंचाने वाले लोगों को सजा मिलेगी. नीट विवाद को लेकर देशभर में छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट में भी मामले की सुनवाई चल रही है. मऊगंज की घटना ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है.
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