Khandwa News: बरगी क्रूज हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट, ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर और हनुवंतिया पर्यटन स्थलों पर नावों की कड़ी जांच

खंडवा जिला कमांडेंट आशीष कुशवाह का कहना है कि इस तरह के हादसों के समय सबसे महत्वपूर्ण बचाव लाइफ जैकेट से होता है. इसलिए जिला प्रशासन की टीम सभी नाविकों पर यह नजर रखती हैं कि वे खुद और नाव में बैठने वाले प्रत्येक व्यक्तियों के लिए लाइफ जैकेट पहनाना सुनिश्चित करें.
After the Bargi cruise accident, the district administration became alert regarding boats in Omkareshwar.

बरगी क्रूज हादसे के बाद ओंकारेश्वर में नावों को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हुआ.

Input- शेख शकील

Khandwa News: जबलपुर के बरगी में हुए क्रूज हादसे के बाद पूरे प्रदेश के जलाशयों में चल रहे क्रूज और नावों में बैठने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं. खंडवा जिले में जहां एक ओर हनुमंतिया जैसा बड़ा पर्यटन स्थल मौजूद है, तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश की जीवनदायनी नदी मां नर्मदा के किनारे स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है. जिसके चलते यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं.

बोट, क्रूज और वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को लेकर कड़े निर्देश

दोनों ही स्थानों पर बड़ी संख्या में देश और दुनिया के पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है. यही नहीं, इन दोनों ही स्थानों पर बोट, क्रूज या वॉटर स्पोर्ट्स जैसी एक्टिविटी चलती रहती हैं. ऐसे में जबलपुर में हुए हादसे के बाद इन दोनों ही स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं.

हालांकि खंडवा जिला प्रशासन पहले ही सुरक्षा को लेकर सतर्क है, और जिला प्रशासन के अधिकारी यहां अक्सर औचक निरीक्षण भी करते रहते हैं. जिसके चलते जिले में कोई बड़ा हादसा अब तक देखने को नहीं मिला है, वहीं खंडवा जिला कमांडेंट आशीष कुशवाह के नेतृत्व में जिले का होमगार्ड दस्ता और एसडीईआरएफ की टीम लगातार नर्मदा के घाटों पर नजर बनाए रहती है. यहां ओंकारेश्वर के घाटों में बीते 9 माह में करीब 45 हादसे दर्ज किए गए हैं, जिनमें बचाव दल की सतर्कता से अब तक करीब 39 से अधिक लोगों को जीवित बचाया गया है.

नाव में बैठने वालों से लाइफ जैकेट पहनने की अपील

खंडवा जिला कमांडेंट आशीष कुशवाह का कहना है कि इस तरह के हादसों के समय सबसे महत्वपूर्ण बचाव लाइफ जैकेट से होता है. इसलिए जिला प्रशासन की टीम सभी नाविकों पर यह नजर रखती हैं कि वे खुद और नाव में बैठने वाले प्रत्येक व्यक्तियों के लिए लाइफ जैकेट पहनाना सुनिश्चित करें. जिससे किसी इमरजेंसी या हादसे के समय मानव जीवन को बचाया जा सके. अगर किसी कारण से हादसा होता है तो कम से कम उतना समय तो मिल जाए, जिसमें बचाव दल पहुंच सके. इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी नाव लाइसेंस धारी नविकों के द्वारा ही चलाई जाए. यही नहीं 18 वर्ष से कम के बालकों को नाव चलाना प्रतिबंधित किया गया है. वहीं नावों की फिटनेस की लगातार जांच भी की जाती है, जिससे हादसों में कमी लाई जा सके.

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