MP News: PHQ ने लागू की ई-जीरो FIR की व्यवस्था, शिकायतकर्ता थाने नहीं पहुंचा तो पुलिस देगी नोटिस
प्रतीकात्मक तस्वीर
MP News: राज्य में ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने नई व्यवस्था लागू की है. ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता को तीन दिन के भीतर संबंधित थाने में उपस्थित नहीं होता है, तो पुलिस उसे नोटिस जारी करेगी. इस नोटिस के बाद तीस दिन इंतजार किया जाएगा, यदि तीस दिन में शिकायतकर्ता थाने नहीं पहुंचता है, तो ऐसी ई-एफआईआर निरस्त कर दी जाएगी.
निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
इस संबंध में डीजीपी कैलाश मकवाना ने ई-जीरो एफआईआर की निगरानी और प्रक्रिया के पालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है. डीआईजी जोन – रेंज, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) भोपाल और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) इंदौर को अपने-अपने क्षेत्रों में नोडल अधिकारी बनाया गया है. ये अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि ई-जीरो एफआईआर से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए. इसके साथ ही सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राज्य साइबर मुख्यालय को हर महीने ई- जीरो एफआईआर से संबंधित रिपोर्ट भेजेंगे.
ई- जीरो FIR में ये जानकारी रहेगी
रिपोर्ट में दर्ज ई- जीरो एफआईआर शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति, जारी नोटिस और निरस्त प्रकरणों का विवरण शामिल रहेगा. इसमें संबंधित पुलिस अधीक्षकों को भी पॉवर दिए गए हैं कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वे यह निर्णय ले सकते हैं कि उन्हें विशेष रूप से किस अधिकारी से जांच करवानी है या एसआईटी बना कर जांच करवाना है. गौरतलब है कि प्रदेश में लाख रुपये से अधिक की सायबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में अब ई- जीरो एफआईआर दर्ज किए जाने लगी है.
धारा 173 के तहत कानूनी मान्यता
बीएनएसएस की धारा 173 के अंतर्गत जीरो एफआईआर को कानूनी मान्यता प्रदान की गई है, जिससे नागरिक देश में कहीं से भी किसी भी क्षेत्राधिकार में घटित अपराध के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं. ई-जीरो एफआईआर सायबर वित्तीय धोखाधड़ी, विशेषकर 1 लाख से अधिक की हानि के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को तेज बनाती है. इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्राधिकार संबंधी बाधाओं को समाप्त कर जांच प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ करना है.
यह प्रणाली तीन डिजिटल प्लेटफार्म को जोड़ती है
यह प्रणाली तीन प्रमुख डिजिटल प्लेटफार्म नेशनल सायबर क्राइम रिपोटिंग पोर्टल (एनसीआरपी), भारतीय सायबर अपराध समन्वय केंद्र और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) को भी जोड़ती है. ई- जीरो एफआईआर का डेटा सीधे भोपाल स्थित केंद्रीय सायबर पुलिस हब को भेजा जाता है. ऑटोमैटिक जनरेशन सीसीटीएनएस सर्वर के माध्यम से शिकायत स्वत ई- जीरो एफआईआर में परिवर्तित हो जाती है.