धार भोजशाला मामले में 6 अप्रैल से होगी नियमित सुनवाई, HC ने कहा- पहले याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनी जाएंगीं

कोर्ट ने बताया कि सोमवार को सभी याचिकओं को एक साथ सुना जाएगा. याचिकाओं को सुनने के बाद ही आपत्तिकर्ता अपनी बात रख पाएंगे.
Indore Bench of Madhya Pradesh High Court (File Photo)

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ(File Photo)

MP News: मध्य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद मामले में गुरुवार को हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई. इस दौरान हाई कोर्ट ने फैसला किया है कि मामले में 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई की जाएगी. इसके साथ ही अदालत ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि मामले में सबसे पहले याचिकाकर्ताओं की दलीलें सनी जाएंगी.

सभी याचिकाओं को एक साथ सुनेगा कोर्ट

धार भोजशाला विवाद में हाई कोर्ट की खंडपीठ में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन, विनय जोशी मौजूद रहे. मुस्लिम पक्ष की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद जुड़े रहे. हालांकि सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे. कोर्ट ने बताया कि सोमवार को सभी याचिकओं को एक साथ सुना जाएगा. याचिकाओं को सुनने के बाद ही आपत्तिकर्ता अपनी बात रख पाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट में भेजा है मामला

इसके पहले मध्य प्रदेश में चर्चित धार भोजशाला मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को हाई कोर्ट वापस भेज दिया था. सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायलय ने मुस्लिम पक्ष से हाई कोर्ट जाने के लिए कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाई कोर्ट नियम और सिद्धांतों के तहत वीडियोग्राफी की सूक्ष्मता से जांच करेगा. इसके साथ ही स्पष्ट किया था कि मामले में अंतिम फैसला हाई कोर्ट ही करेगा.

ASI से वीडियोग्राफी ना करवाने पर जताई थी आपत्ति

दरअसल इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने जगह की वीडियोग्राफी एसएसआई( भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) से ना करवाने को लेकर आपत्ति जताई थी. इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष का कहना था कि वीडियोग्राफी के फुटेज भी उपलब्ध नहीं करवाए गए थे.

फिलहाल अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मामले में अब 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई की जाएगी.

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