प्रदर्शन के बाद हरकत में प्रशासन, कल्पना मिश्रा मौत मामले की होगी जांच, सच आ पाएगा सामने?

Rewa News: रीवा के गांधी स्मारक चिकित्सालय के स्त्रीरोग विभाग में 26 अगस्त को हुई प्रसुता कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में अब प्रशासन ने जांच के आदेश जारी किए हैं.
Collector orders inquiry into the death of new mother Kalpana Mishra.

प्रसूता कल्‍पना मिश्रा मौत मामले में कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

Rewa News: रीवा के गांधी स्मारक चिकित्सालय के स्त्रीरोग विभाग में 26 अगस्त को हुई प्रसुता कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में अब प्रशासन ने जांच के आदेश जारी किए हैं. रीवा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने पूरे मामले की जांच एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल को सौंपी है. जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. इधर कल्‍पना मिश्रा के परिजन भी बेटी को न्‍याय और जिम्मेदारों पर एफआईआर की मांग करते हुए लगातार धरने पर बैठे हैं. कल परिजनों से उपमुख्‍यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी मुलाकात की थी.

कलेक्टर ने जारी किए जांच के ओदश

दरअसल, 26 अगस्त 2026 को गांधी स्मारक चिकित्सालय, रीवा के स्त्रीरोग विभाग में कल्पना मिश्रा पत्नी अमित मिश्रा की मृत्यु हुई थी. मामले में परिजनों की ओर से अस्पताल प्रबंधन और उपचार को लेकर सवाल उठाए गए थे. अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रीवा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जांच के आदेश जारी किए हैं. जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल को दी गई है. आदेश में जांच अधिकारी से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर तथ्यात्मक जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है.

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कल्पना मिश्रा को अस्पताल में कब और किन परिस्थितियों में भर्ती किया गया था. भर्ती होने के बाद अस्पताल के चिकित्सकीय परीक्षण, सलाह और उपचार की स्थिति क्या थी. इसके अलावा अस्पताल से छुट्टी के बाद उनकी स्थिति क्या रही और उपचार किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी भी जांच की जाएगी. साथ ही नवजात शिशु की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, इस बिंदु को भी जांच में शामिल किया गया है.

जांच अधिकारी करेंगे अस्‍पातल में पड़ताल

जांच अधिकारी अस्पताल में हुई पूरी घटना की परिस्थितियों की भी पड़ताल करेंगे. वहीं परिजनों से किसी व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर अवैध लाभ की आकांक्षा किए जाने के आरोपों की भी जांच होगी. इसके साथ ही संबंधित डॉक्टर, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ, स्त्रीरोग विभागाध्यक्ष, अधीक्षक, डीन मेडिकल कॉलेज और अन्य स्टाफ की भूमिका अथवा लापरवाही की भी जांच की जाएगी।

कलेक्टर ने जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर स्पष्ट अभिमत के साथ तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घटना की तकनीकी जांच के संबंध में राज्य स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट को भी विचार में लेने की बात कही गई है. अब इस जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में उपचार के दौरान किसी तरह की लापरवाही या अन्य अनियमितता हुई थी या नहीं.

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