Mauganj: दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर मऊगंज में प्रदर्शन, मशाल जुलूस निकालकर जताया विरोध

Mauganj News: प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. जुलूस के आगे और पीछे पुलिस बल तैनात किया गया. सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच प्रदर्शनकारी शहर की सड़कों से गुजरते रहे. एक ओर मशालें जल रही थीं, तो दूसरी ओर सरकार के खिलाफ नारे लगातार गूंजते रहे.
mauganj Protest over the action taken against students in Delhi

मऊगंज में मशाल जुलूस निकाला गया

Mauganj News: दिल्ली की सड़कों पर उठी छात्रों की आवाज अब मऊगंज की गलियों में मशाल बनकर जल रही है. हाथों में आग की लौ थी आंखों में आक्रोश था और होंठों पर सरकार के खिलाफ बुलंद नारे. जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज, राहुल गांधी की गिरफ्तारी और NEET पेपर लीक के मुद्दे पर मऊगंज में सियासी तापमान अचानक बढ़ गया.

कांग्रेस, NSUI ने निकाला मशाल जुलूस

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज, राहुल गांधी की गिरफ्तारी और NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर मऊगंज में कांग्रेस और एनएसयूआई ने सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस निकाला. पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. रात के अंधेरे में जलती मशालें विरोध की तस्वीर बन गईं.

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. जुलूस के आगे और पीछे पुलिस बल तैनात किया गया. सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच प्रदर्शनकारी शहर की सड़कों से गुजरते रहे. एक ओर मशालें जल रही थीं, तो दूसरी ओर सरकार के खिलाफ नारे लगातार गूंजते रहे.

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों पर बल प्रयोग किया गया. इसी के विरोध में मऊगंज से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यह मशाल जुलूस निकाला गया. प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई गई.

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मऊगंज की सड़कों पर निकला यह मशाल जुलूस केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दों पर स्थानीय प्रतिक्रिया का प्रतीक भी बन गया. हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों और की गई मांगों पर सरकार का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा. अब देखने वाली बात होगी कि छात्रों और विपक्ष द्वारा उठाए गए इन मुद्दों पर आगे क्या राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया सामने आती है.

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