मऊगंज SP ने बदली कई थाना प्रभारियों की ‘कुर्सी’, 18 पुलिस कर्मियों के तबादले
मऊगंज SP सुरेंद्र कुमार जैन(File Photo)
MP News: मऊगंज जिले की पुलिस व्यवस्था में सोमवार को उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने एक साथ 18 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले कर दिए. थाना प्रभारियों से लेकर एएसआई और आरक्षकों तक हुए इस व्यापक फेरबदल ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है. तबादला सूची जारी होते ही थानों, चौकियों और पुलिस लाइन में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया.
मऊगंज पुलिस में अब तक सबसे बड़ी सर्जरी!
इसे जिले की पुलिसिंग में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी माना जा रहा है. पुलिस अधीक्षक के इस फैसले को कानून व्यवस्था में कसावट लाने, पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह बनाने और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों को हटाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. पुलिस विभाग के भीतर इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं.
मऊगंज थाने में रीना सिंह की जगह राम सिंह पटेल बने नए TI
तबादला सूची में सबसे चर्चित बदलाव मऊगंज थाने में हुआ है. थाना प्रभारी रीना सिंह को हटाकर निरीक्षक राम सिंह पटेल को मऊगंज थाने की कमान सौंपी गई है. जिले के सबसे महत्वपूर्ण थानों में शामिल मऊगंज थाने की नई कमान अब राम सिंह पटेल के हाथों में होगी. वहीं ज्ञानेंद्र पटेल को पिपराही चौकी प्रभारी बनाया गया है, जबकि एएसआई बृहस्पति पटेल को मऊगंज थाने में पदस्थ किया गया है. पुलिस सूत्रों का मानना है कि मऊगंज थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने और अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है.
शाहपुर और नईगढ़ी में भी बड़ा फेरबदल
पुलिस अधीक्षक के आदेश का असर शाहपुर और नईगढ़ी थानों पर भी दिखाई दिया. शाहपुर थाना प्रभारी अजय खोब्रागढ़े को पुलिस लाइन भेज दिया गया है. उनकी जगह नईगढ़ी में पदस्थ उप निरीक्षक ऋषि द्विवेदी को शाहपुर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है वहीं नईगढ़ी थाने की कमान अब गोविंद तिवारी संभालेंगे. इन बदलावों को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है. माना जा रहा है कि पुलिस विभाग जिले के संवेदनशील इलाकों में नई ऊर्जा और नई रणनीति के साथ काम करना चाहता है.
लंबे समय से जमे कर्मचारियों पर भी चली तबादले की गाज
सूत्रों के अनुसार कई ऐसे पुलिसकर्मी भी तबादला सूची में शामिल हैं जो लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ थे. विभागीय नियमों और प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इससे यह स्पष्ट संकेत गया है कि अब प्रदर्शन और जवाबदेही के आधार पर ही जिम्मेदारियां तय होंगी.
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज
इस बड़े फेरबदल के बाद जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हर कोई यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर इस व्यापक तबादला सूची के पीछे पुलिस अधीक्षक की क्या रणनीति है। कई लोग इसे आगामी समय में कानून व्यवस्था को लेकर बड़ी तैयारी के रूप में भी देख रहे हैं। नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के सामने अब अपराध नियंत्रण, जनता का विश्वास जीतना, लंबित मामलों का निराकरण और पुलिस की छवि सुधारने जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं जनता की निगाहें भी अब नए थाना प्रभारियों के कार्यशैली और प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।
खाकी को स्पष्ट संदेश: काम नहीं तो कुर्सी नहीं!
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र जैन के इस एक आदेश ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि जिले में पुलिसिंग को लेकर अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एक आदेश, 18 तबादले और पूरे जिले में चर्चा का तूफान सा आ गया है. यह प्रशासनिक सर्जरी आने वाले दिनों में कानून व्यवस्था पर कितना असर डालती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
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