कल्पना मिश्रा केस: 15 दिन से धरने पर बैठे परिजनों को उठा ले गई पुलिस, भारी फोर्स तैनात
कल्पना मिश्रा की मौत के मामले पर धरने में बैठे परिजनों को प्रशासन ने हटाया
Police Evict Kalpana Mishra Family: रीवा में कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के मामले में धरने पर बैठे परिजनों को पुलिस ने हटा दिया है. मौके पर भारी फोर्स तैनात है. पुलिस आंदोलनकारियों को भी अपने साथ ले गई है. कल्पना मिश्रा के पिता की भूख हड़ताल की वजह से हालत बेहद खराब हो गई है, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने धरनास्थल से हटा दिया.
कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में न्याय की आस लगाए उनके पिता धरने पर बैठ गए थे, जिन्हें आज 15वें दिन पुलिस ने धरनास्थल से हटा दिया है. बता दें, कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बेटे की मौत रीवा के संजय गांधी अस्पताल में हुई थी. जिसके बाद से उनके परिजन धरने पर बैठे थे. हालांकि, इस मामले में अस्पताल के 6 डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं है. वे जिम्मेदारों पर FIR की मांग को लेकर धरने पर डटे रहे.
इन पर हो चुकी कार्रवाई
इस मामले में अब तक डॉ. सोनल अग्रवाल, एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. निधि पांडेय, साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को निलंबित किया जा चुका है. इसके साथ ही अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटा दिया गया. वहीं, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल का रीवा से सतना मेडिकल कॉलेज तबादला कर दिया गया. रीवा मेडकल कॉलेज के नए डीन डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को बनाया गया है.
अस्पताल में किया गया शिफ्टः तहसीलदार
तहसीलदार शिव शंकर शु्क्ला ने बताया कि कल्पना मिश्रा के पिता का लगातार स्वास्थ्य गिर रहा था. डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में शिफ्ट किया गया है. जहां उनका इलाज जारी है. यहां पर किसी को भी धरना प्रदर्शन करने की इजातत नहीं है. यह सड़क है. बल प्रयोग के सवालों पर उन्होंने कहा कि किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया है.