Rewa: नहर ने रास्ता रोका तो बीमार बच्चे को पोटली में बांधा, 3KM चलकर ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया

Rewa News: ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. गांव की आबादी 6-7 हजार है. बारिश के दिनों में कई टोले या मोहल्लों का संपर्क कट जाता है. मुख्य मार्ग से संपर्क कटने से ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
villagers wrapped child in cloth and took him to hospital Koniklan village road poor condition

रीवा: बीमार बच्चे को पोटली में बांधकर अस्पताल पहुंचाया

Rewa News: मध्य प्रदेश के रीवा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने विकास के झूठे दावों की पोल खोल दी है. ग्रामीणों को अस्पताल तक पहुंचने के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है. कीचड़ और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से लोगों को अपनी राह बनानी पड़ रही है. ये पूरा मामला ग्राम पंचायत कोनीकलां का है. जहां सड़क खराब होने से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.

बच्चे को पोटली में बांधकर 3 किमी तक चले

दरअसल, जवा जनपद क्षेत्र के कोनीकलां गांव में मिनी बाणसागर नहर का एक हिस्सा धंस गया और सड़क पर गिरा. इस वजह से पौखरी टोला को जोड़ने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई. हालत इतनी खराब है कि सड़क पर गाड़ी चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है. गांव में रहने वाले मिथलेश केवट के छोटे भाई की तबीयत बिगड़ गई, जिसकी उम्र मात्र 12 साल है. रास्ता खराब होने से गांव तक ना तो कोई गाड़ी या वाहन आ सकता है और ना ही एंबुलेंस. इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चे को कपड़े की पोटली में बांधा और 3 किमी चलकर उसे एक बाइक तक पहुंचाया. जहां से उसे बाइक के जरिए हॉस्पिटल तक पहुंचाया गया.

बारिश में होती है परेशानियां

ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. गांव की आबादी 6-7 हजार है. बारिश के दिनों में कई टोले या मोहल्लों का संपर्क कट जाता है. मुख्य मार्ग से संपर्क कटने से ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. अस्पताल जैसी जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सबसे परेशानी का सामना बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को करना पड़ता है.

ये भी पढ़ें: Mauganj: सीधी बॉर्डर पर कैमूर घाटी में बारिश बनी आफत, सैकड़ों फीट गहरी खाई के पास धंसी सड़क, प्रशासन ने सील किया रास्‍ता

कलेक्टर ने जांच के निर्देश

मामला सामने के आने के बाद जिला कलेक्टर ने संज्ञान लिया है. इसके साथ ही अधिकारियों को गांव में जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. सड़क और नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच कर जरूरी कार्रवाई के लिए कहा है.

ज़रूर पढ़ें