सागर: आश्रम का ‘राम’ निकला गुजरात का ‘रहीम’, 3 साल बाद परिवार से होगी मुलाकात, लेने आ रहे परिजन

Missing Gujarat Man Found Sagar Ashram: तीन साल पहले लावारिस हालत में मिला बच्चा सागर के आश्रम में ‘राम’ बनकर बड़ा हुआ. अब पुलिस की जांच में उसकी पहचान गुजरात के ‘रहीम’ के रूप में हुई है और परिवार उसे लेने पहुंच रहा है.
सागर का राम न‍िकला रहीम

सागर का राम न‍िकला रहीम

Sagar Ashram Ram Turns Rahim: कभी-कभी जिंदगी ऐसी कहानी लिखती है, जिस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक आश्रम में तीन साल से रह रहा एक मासूम बच्चा, जिसे सभी लोग राम के नाम से जानते थे, अब अपने असली परिवार के पास लौटने जा रहा है. पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की लगातार कोशिशों के बाद उसकी पहचान गुजरात के एक परिवार के बेटे के रूप में हुई है. सबसे खास बात यह पता चली जिसको सब राम कह रहे थे वो असल में रहीम था. मतलब यह क‍ि उसका असली नाम रहीम था.

करीब तीन साल पहले यह बच्चा लावारिस हालत में मिला था. उस समय वह अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं था. प्रशासन ने उसे सागर के एक आश्रम में भेज दिया, जहां उसकी देखभाल शुरू हुई. आश्रम के कर्मचारियों ने उसे राम नाम दिया. उसे अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला, धीरे-धीरे वह आश्रम के सभी लोगों का चहेता बन गया.

गुजरात का रहने वाला है मासूम

समय बीतने के साथ बच्चे की पहचान पता लगाने के प्रयास जारी रहे. स्थानीय पुलिस, बाल कल्याण से जुड़े अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने अलग-अलग राज्यों में जानकारी जुटाई. हाल ही में तकनीकी जांच और दस्तावेजों के मिलान के बाद यह पता चला कि बच्चा मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है. उसकी असली पहचान रहीम के रूप में सामने आई.

बेटे को लेने आ रहा पर‍िवार

बताया जा रहा है कि जब गुजरात में रह रहे उसके माता-पिता को बेटे के जीवित होने की सूचना मिली तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. सालों से बेटे की तलाश कर रहे परिजन अब उसे वापस घर ले जाने की तैयारी में हैं. परिवार के सदस्य जल्द ही सागर पहुंचकर सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करेंगे.

आश्रम प्रबंधन भी भावुक

आश्रम प्रबंधन के लिए यह पल भावुक करने वाला है. तीन साल तक जिस बच्चे को उन्होंने अपने बेटे की तरह संभाला, उसकी विदाई आसान नहीं होगी. आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि बच्चे की परवरिश और सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी थी, लेकिन अब उसका अपने असली परिवार से मिलना सबसे बड़ी खुशी है.

अब सागर का राम जल्द ही गुजरात का रहीम बनकर अपने घर लौटेगा, जहां उसके माता-पिता और परिवार के लोग वर्षों के इंतजार के बाद उसे गले लगाने के लिए बेताब हैं.

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