सागर कांड के बाद पूरे मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज, लापरवाही पर अधिकारी होंगे जिम्मेदार
अवैध शराब के खिलाफ अभियान, आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने जारी किया निर्देश
MP News: सागर जहरीली शराब कांड मामले में 13 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. अवैध शराब के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है. आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना की ओर से आदेश जारी किया गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पायी जाती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी.

अवैध शराब के खिलाफ अभियान के निर्देश
पूरे राज्य में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं. आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सभी सहायक आबकारी आयुक्तों और जिला आबकारी अधिकारियों को अभियान को गंभीर तरीके से चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं.

मुखबिर तंत्र मजबूत करने के लिए कहा
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर लगातार निगरानी, मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने, अवैध शराब निर्माण स्थलों पर दबिश, संदिग्ध वाहनों की जांच और अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. लाइसेंसी शराब दुकानों और परिसरों में गंभीर अनियमितता मिलने पर भी कार्रवाई के निर्देश हैं.

अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
आयुक्त सक्सेना ने स्पष्ट किया कि अभियान का मकसद सिर्फ प्रकरणों की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि अवैध शराब के निर्माण से लेकर बिक्री और परिवहन तक पूरी श्रृंखला पर प्रभावी कार्रवाई करना है. सभी जिलों से प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट राज्य स्तरीय उड़नदस्ता को भेजना अनिवार्य किया गया है. विश्वसनीय सूचना पर समय पर कार्रवाई नहीं करने या गंभीर मामलों की अनदेखी करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई भी की जाएगी.
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अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई?
जहरीली शराब कांड में सागर पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इनमें से 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया.सभी आरोपियों को 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया. इसके साथ ही मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही बंडा में पुलिस कई शराब दुकानों को बंद कराने का काम किया है.