MP News: सिंहस्थ महाकुंभ महापर्व के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर 13 अखाड़ो में दो फाड़, श्री पंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़े में आयोजित हुई बैठक

उज्जैन में  दो वर्ष बाद 2028 में सिंहस्थ कुम्भ का आयोजन होना है. इससे पहले अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद की स्थिति बनती जा रही है.
Ujjain Simhastha Mahakumbh

उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ.

MP News: उज्जैन के मंगलनाथ रोड स्थित खाक चौक में श्री पंच रामानंदिनीय निर्वाणी अखाड़े में रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में आठ अखाड़ों के संत-महंत और पदाधिकारी शामिल हुए. 8 अखाड़ों के सन्तों-महंतो ने ढोल नगाड़ों के साथ पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत सत्कार किया.

कार्यक्रम में मुख्य रूप से महंत रामेश्वर दास जी महंत भगवान दास जी, महंत सत्यानंद महाराज बड़ा उदासीन, महंत मगल दास जी नया अखाड़ा ,महंत विनीत गिरी महाराज महानिर्वाणी, महंत दिग्विजय दास जी सहित आठ अखाड़े के संत महंत शामिल हुए थे.

दो दावेदार होने से असमंजस की स्थिति

प्रयागराज कुंभ के बाद से अखाड़ा परिषद अध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान अब उज्जैन में भी दिखाई दे रही है. आगमी कुम्भ के आयोजन के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के दो दावेदार होने से असमंजस की स्थिति बन रही है. उज्जैन में  दो वर्ष बाद 2028 में सिंहस्थ कुम्भ का आयोजन होना है. इससे पहले अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद की स्थिति बनती जा रही है. 13 अखाड़ों में दो फाड़ नजर आ रही है. एक धड़ा जो निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी को अध्यक्ष बता रहा है और दूसरा महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी को अध्यक्ष बता रहा है.

रविंद्र पुरी का पुष्प मालाओं से स्वागत

निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज बीते 6 माह से उज्जैन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के तौर पर उज्जैन आते जाते रहे है. इस दौरान अधिकारियों द्वारा समय-समय पर उन्हें शहर में चल रहे कार्य शिप्रा नदी के प्रोजेक्ट सहित मेले की अन्य जानकारी उपलब्ध करवाई. इधर रविवार को आठ अखाड़ों  महानिर्वाणी, अटल, निर्मोही, दिगंबर, निर्वाणी अणि, बड़ा उदासीन, नया उदासीन, और निर्मल अखाड़े के संत महंत सचिव एयर अन्य पदाधिकारियों द्वारा महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी का पुष्प मालाओं से स्वागत किया गया. इस दौरान सभी ने रविंद्र पुरी महाराज के सानिध्य में आगामी कुम्भ के आयोजन में भाग लेने की बात कही है.

‘अखाडा परिषद् में लोकतांत्रिक प्रक्रिया है’

महानिर्वाणी के सचिव और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद का दावा करने वाले रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि सामान्य  शिष्टचार के नाते वैष्णव अखाड़े में चाय पानी का आयोजन रखा गया था. आठ अखाड़े के संतो ने हमको हरिद्वार में ही अध्यक्ष बनाया है, अखाडा परिषद् में लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, बहुमत के आधार पर चुनाव हुआ था, उसमें हम चुने गए थे. अभी अध्यक्ष हम ही हैं.  रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि ये विचारों का मतभेद है. कोई नयी बात नहीं, इससे पहले भी ये हुआ है. रविंद्र पुरी महाराज ने किन्नर अखाड़ा के किसी भी सवाल पर कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं.

बैठक के दौरान संतों ने एकमत होकर रविंद्र पुरी महाराज के नेतृत्व में आगामी सिंहस्थ कुंभ में भाग लेने की बात कही. कार्यक्रम में ढोल-नगाड़ों के बीच संतों का उत्साह देखने लायक था और सभी ने मिलकर महाराज का सम्मान किया. इस अवसर पर महंत सत्यानंद महाराज (बड़ा उदासीन), महंत मंगल दास (नया अखाड़ा), महंत विनीत गिरी (महानिर्वाणी), महंत रामेश्वर दास, भगवान दास और दिग्विजय दास सहित कई प्रमुख संत मौजूद रहे.

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