MP News: एमपी के 42% शहरों में बढ़ी पानी की समस्या, जबलपुर के 2 निकायों में 3 दिन में एक बार हाे रही सप्लाई
पानी समस्या सांकेतिक तस्वीर
MP News: मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच शहरी इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ताजा रिपोर्ट ने प्रदेश की पानी व्यवस्था की गंभीर तस्वीर सामने रखी है. रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 413 नगरीय निकायों में से 172 निकायों में प्रतिदिन पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है. यानी करीब 41.7 फीसदी शहरों और कस्बों के लोगों को रोजाना पानी नहीं मिल रहा.
प्रदेश में जलप्रदाय की स्थिति चिंताजनक
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के सिर्फ 241 नगरीय निकायों में ही प्रतिदिन जलप्रदाय हो रहा है, जबकि 162 निकायों में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है. वहीं, 8 निकाय ऐसे हैं जहां दो दिन छोड़कर पानी सप्लाई हो रहा है और 2 निकायों में तीन दिन छोड़कर जलप्रदाय किया जा रहा है.

जबलपुर संभाग में सबसे गंभीर हालात
प्रदेश में जल संकट की सबसे गंभीर स्थिति जबलपुर संभाग में सामने आई है. यहां न्यूटन चिखली और डोंगर परासिया में तीन दिन छोड़कर पानी सप्लाई हो रहा है. यानी लोगों को सप्ताह में केवल दो से तीन बार ही पानी मिल पा रहा है. इसके अलावा हर्रई, बिछुआ और सांव-एमपीयूडीसी में दो दिन छोड़कर जलप्रदाय किया जा रहा है. जबलपुर संभाग के कुल 56 निकायों में से केवल 46 में ही रोज पानी मिल रहा है.
इंदौर और उज्जैन संभाग भी संकट में
प्रदेश की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले इंदौर संभाग में भी हालात चिंताजनक हैं. यहां 55 में से 42 नगरीय निकायों में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है. यानी लगभग 76 फीसदी शहरों में नियमित जलप्रदाय नहीं हो पा रहा है. उज्जैन संभाग में भी 67 में से 43 निकायों में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई हो रही है. यहां करीब 64 फीसदी शहर जल संकट से प्रभावित हैं.
भोपाल संभाग में भी बढ़ा दबाव
राजधानी भोपाल संभाग में 43 में से 17 निकायों में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है. जबकि जावर-एमपीयूडीसी और मंडीदीप में दो दिन छोड़कर जलप्रदाय किया जा रहा है. लगातार बढ़ती गर्मी और जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव के कारण आने वाले दिनों में संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है.
एमपीयूडीसी परियोजनाओं वाले शहरों में ज्यादा परेशानी
दो दिन छोड़कर जलप्रदाय वाले 8 निकायों में से 5 एमपीयूडीसी परियोजना से जुड़े हुए हैं. इनमें सांव-एमपीयूडीसी, जावर-एमपीयूडीसी, आमला, शाहपुर और मंडीदीप शामिल हैं. इससे परियोजनाओं की कार्यप्रणाली और जल प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
रीवा और शहडोल संभाग से राहत की तस्वीर
प्रदेशभर में जल संकट के बीच रीवा संभाग राहत की तस्वीर पेश कर रहा है. यहां के सभी 32 नगरीय निकायों में प्रतिदिन जलप्रदाय हो रहा है. रीवा प्रदेश का इकलौता संभाग है जहां 100 फीसदी शहरों में रोज पानी सप्लाई हो रही है. शहडोल संभाग की स्थिति भी अपेक्षाकृत बेहतर है. यहां 22 में से 20 निकायों में प्रतिदिन पानी उपलब्ध कराया जा रहा है.
संभागवार जलप्रदाय की स्थिति
जबलपुर संभाग में कुल 56 निकाय हैं. इनमें 46 में रोज पानी, 5 में एक दिन छोड़कर, 3 में दो दिन छोड़कर और 2 में तीन दिन छोड़कर जलप्रदाय हो रहा है.
भोपाल संभाग के 43 निकायों में से 24 में रोज पानी, 17 में एक दिन छोड़कर और 2 में दो दिन छोड़कर जलप्रदाय किया जा रहा है.
नर्मदापुरम संभाग के 21 निकायों में से 14 में रोज पानी, 6 में एक दिन छोड़कर और 1 में दो दिन छोड़कर पानी सप्लाई हो रही है.
सागर संभाग के 58 निकायों में से 28 में रोज पानी, 29 में एक दिन छोड़कर और 1 में दो दिन छोड़कर जलप्रदाय हो रहा है.
इंदौर संभाग के 55 निकायों में से सिर्फ 13 में रोज पानी मिल रहा है, जबकि 42 निकायों में एक दिन छोड़कर सप्लाई हो रही है.
रीवा संभाग के सभी 32 निकायों में प्रतिदिन जलप्रदाय किया जा रहा है.
शहडोल संभाग के 22 निकायों में से 20 में रोज पानी और 2 में एक दिन छोड़कर जलप्रदाय हो रहा है.
ग्वालियर-चंबल संभाग के 59 निकायों में से 40 में रोज पानी, 18 में एक दिन छोड़कर और 1 में दो दिन छोड़कर जलप्रदाय हो रहा है.
उज्जैन संभाग के 67 निकायों में से 24 में रोज पानी मिल रहा है, जबकि 43 निकायों में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई हो रही है.
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