एमपी का यह छोटा सा गांव है खूबसूरती की मिसाल, विदेशी भी खिंचे चले आते हैं इसकी एक झलक देखने
Devgarh Chhindwara: मध्य प्रदेश को भारत का हृदय प्रदेश कहा जाता है. एमपी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और पुरानी इमारतों के लिए दुनिया भर में फेमस है. वहीं मध्य प्रदेश के जिले और गांव अपनी अलग-अलग खासियत के लिए जाने जाते हैं. एमपी का ऐसा ही एक गांव अपनी सुंदरता की वजह से दुनिया भर में मशहूर है. ऐसे में आइए जानते हैं उस गांव के बारे में जिसकी चर्चाएं देश से लेकर दुनिया भर में होती हैं.
एमपी के इस गांव की सुंदरता को देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक यहां आते हैं.
छिंदवाड़ा का देवगढ़ मध्य प्रदेश का सबसे छोटा गांव है, जो अपनी प्राचीन ऐतिहासिक कला, खंडहरों और बेतवा नदी के किनारों की प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है.
यहां के देवगढ़ किले में गोंड आदिवासी संस्कृति और मुगल कला का अनोखा संगम है, जहां मुख्य रूप से दरबार हॉल, नक्काशीदार दरवाजे और प्राचीन 'मोती टांका' जलाशय देखने को मिलता है.
18वीं सदी में राजा जाटवा शाह की राजधानी रहा देवगढ़ 650 मीटर ऊंची पहाड़ी पर बसा एक बहुत प्राचीन और खूबसूरत ऐतिहासिक गांव है.
यहां बने विशाल किले, मंदिर और किनारे बहती बेतवा नदी इसकी सुंदरता को इतना बढ़ा देते हैं कि इसे देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं.
पर्यटकों के रुकने के लिए इस गांव में बजट-फ्रेंडली होमस्टे की बेहतरीन सुविधा भी उपलब्ध है.
चट्टानी पहाड़ों को काटकर बना देवगढ़ का यह सुरक्षित किला गोंड साम्राज्य का मुख्य हिस्सा था, जिसमें राजा-रानी के बचाव के लिए नागपुर तक जाने वाली एक गुप्त भूमिगत सुरंग भी थी.
छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर मोहखेड़ विकासखंड में स्थित इस ऐतिहासिक और खूबसूरत गांव की कुल आबादी केवल 850 के करीब है.