लाड़ली बहना योजना से कटे महिलाओं के नाम, पूरी करें ये शर्तें, वरना नहीं आएंगे खाते में पैसे
Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक 'लाड़ली बहना योजना' को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. अगर आपको भी इस लाभकारी योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपए की राशि मिलती है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. दरअसल, हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने अपने राज्य में 'लाड़की बहिन योजना' की अपात्र महिलाओं के नाम सूची से काट दिए हैं. अब ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि मध्य प्रदेश सरकार भी लाड़ली बहना योजना की पात्र महिलाओं की छटनी करने की तैयारी कर रही है. इससे उन अपात्र महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिलना बंद हो जाएगा और हर महीने उनके खाते में आने वाली 1,500 रुपए की राशि नहीं आएगी. ऐसे में आइए जानते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना से किन महिलाओं का नाम काट सकती है.
बता दें कि हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना की राशि 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये की है.
खबरों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने 'लाडकी बहिन योजना' के अंतर्गत लगभग 92 लाख अपात्र महिलाओं के नाम काट दिए हैं.
वहीं ऐसी खबर सामने आई है कि इंदौर में भी लाड़ली बहना योजना का लाभ पाने वाली लगभग 19 हजार महिलाओं के नाम काट दिए गए हैं.
महाराष्ट्र की तरह एमपी में भी वेरिफिकेशन ड्राइव शुरू होने वाली है, जिससे अपात्र महिलाओं के नाम कट सकते हैं.
2.5 लाख से कम पारिवारिक आय वाली एमपी की 21 से 60 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्ता स्थायी निवासी महिलाओं का नाम नहीं कट सकता.
आयकर, सरकारी नौकरी, पेंशन या 1500 रुपए से अधिक सरकारी भत्ता पाने वाले परिवार इस योजना के पात्र नहीं होंगे.
परिवार में कोई सदस्य (पंच,उपसरपंच छोड़कर), बोर्ड सदस्य या 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि न हो.
योजना कि शर्तों के अनुसार, eKYC प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर भी महिलाओं का नाम योजना से कट सकता है.