Garud Puran: मौत से पहले मिलते हैं ये इशारे, जानिए गरुण पुराण में किन संकेतों के बारे में बताया गया है
मृत्यु से पहले कई संकेत मिलते हैं
Garud Puran: हिंदू धर्म में कई धार्मिक ग्रंथ हैं, जिनका अपना-अपना एक विशेष महत्व है. इन धार्मिक ग्रंथों में से एक है गरुड़ पुराण. हिंदू परंपरा में गरुड़ पुराण को बहुत ही खास माना जाता है, क्योंकि इसी ग्रंथ में जीवन, मृत्यु, आत्मा की संपूर्ण यात्रा, पाप और पुण्य के बारे में बताया गया है. अक्सर बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए, जिससे मृत्यु के बाद स्वर्ग प्राप्त हो. यही कारण है कि जब भी किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसके घर में गरुड़ पुराण का पाठ कराया जाता है, जिससे मृतक की आत्मा को शांति मिल सके.
मान्यता है कि जीवन में किए गए पाप और पुण्य के कामों का लेखा-जोखा मृत्यु के बाद होता है. वहीं गरुड़ पुराण जैसे पवित्र ग्रंथ में बताया गया है कि इंसान की मृत्यु अचानक नहीं आती है. मृत्यु से पहले व्यक्ति को कई संकेत दिखाई देते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. आइए जानते हैं उन संकेतों के बारे में जिनका उल्लेख गरुड़ पुराण में किया गया है.
सांस लेने में दिक्कत होना
गरुड़ पुराण में कहा गया है कि जब मृत्यु निकट होती है, तो व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है. सांसों की गति में अचानक परिवर्तन आने लगता है. कभी यह बहुत तेज हो जाती है, तो कभी धीमी. वहीं ग्रंथ के अनुसार, कुछ लोगों को ऐसा अनुभव होने लगता है कि उनका मन आसपास की दुनिया और सांसारिक वस्तुओं से हटकर किसी दूसरी जगह केंद्रित हो रहा है.
बुरे सपने आना
गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु पास आने पर व्यक्ति को अजीब और प्रतीकात्मक स्वप्न दिखाई देने लगते हैं, जैसे कि बुझा हुआ दीपक देखना या चारों ओर गहरा अंधारा छा जाना. इन स्वप्नों को जीवन की ज्योति मंद पड़ने का संकेत माना जाता है.
हथेली की रेखाएं मिटना
जब कोई व्यक्ति अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर होता है, तो उसे अपनी हथेली की रेखाएं बहुत हल्की या धुंधली दिखाई देने लगती हैं. गरुड़ पुराण में इसे शरीर की जीवन-ऊर्जा नष्ट होने का प्रतीक बताया गया है.
अपनी परछाई न दिखना
गरुड़ पुराण में उल्लेख मिलता है कि जब मृत्यु बहुत नजदीक आती है, तो व्यक्ति को तेल या पानी में अपनी परछाई साफ दिखाई नहीं देती. इसे मृत्यु के आगमन का एक स्पष्ट संकेत माना जाता है.
आसपास अदृश्य शक्ति दिखना
मान्यता है कि मृत्यु के समय व्यक्ति को अपने पूर्वजों या किसी अदृश्य दैवीय शक्ति की उपस्थिति का आभास होने लगता है. यह इस बात का संकेत है कि आत्मा अब शरीर त्यागने की तैयारी कर रही है.
अपनी नाक न दिखना
वहीं गरुड़ पुराण में यह भी वर्णित है कि जब व्यक्ति की मृत्यु होने वाली होती है, तो उसे अपनी नाक की नोक दिखाई देना बंद हो जाती है, जबकि सामान्य अवस्था में इसकी हल्की झलक दिखती है. यह शारीरिक परिवर्तन भी अंत समय निकट होने का संकेत है.