रायपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी 22-23 अक्टूबर को दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर आ रही हैं. वे रायपुर और जगदलपुर के कार्यक्रम में शामिल होंगी.
बस्तर दशहरा देश का सबसे लंबा चलने वाला पर्व है. यह 75 दिनों तक मनाया जाता है. इसकी शुरुआत श्रावण मास से होती है और समापन आश्विन मास में होता है.
जगदलपुर में हरेली अमावस्या के अवसर पर मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का शुभारंभ हुआ. 75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक उत्सव में रथ निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई.
Amit Shah Muria Darbar: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुरिया दरबार में शामिल हुए. इस दौरान पगड़ी और पारंपरिक माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया. मुरिया दरबार में अमित शाह ने कहा- '2031 तक बस्तर के सभी गांव में बिजली और स्कूल होंगे.'
Bastar Dussehra: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए आएंगे. वह 4 अक्टूबर को आएंगे और आदिवासियों के साथ ऐतिहासिक और पारंपरिक बस्तर दशहरा मनाएंगे.
Bastar Dussehra 2025: देश भर में छत्तीसगढ़ का बस्तर दशहरा मशहूर है. 75 दिनों तक चलने वाले इस बस्तर दशहरा की खास परंपराओं में शामिल रथ परिक्रमा 6 दिनों तक चलती है. इस बार यह परिक्रमा 24 सितंबर से शुरू हो रही है, जिसके लिए रथ बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. इस बार चार चक्के के फूल रथ का निर्माण शुरू हो गया है. जानें इस खास परंपरा के बारे में-
CG News: सबसे अधिक दिनों तक चलने वाले बस्तर के विश्व प्रसिद्ध दशहरा का शनिवार को मावली माता की डोली विदाई के साथ समापन हुआ, सामान्यतः बस्तर का दशहरा 75 दिनों तक चलता है लेकिन इस वर्ष बस्तर दशहरा का महापर्व 77 दिनों तक मनाया गया.
CG News: बस्तर में 75 दिनों तक मनाये जाने वाले दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म कुटुम्ब जात्रा की रस्म की अदायगी की गई. इस रस्म मे बस्तर राजपरिवार और ग्रामीणो के अगुवाई मे बस्तर संभाग के ग्रामीण अंचलो से पर्व मे शामिल होने पंहुचे सभी ग्राम के देवी देवताओ को ससम्मान विदाई दी गई.
Chhattisgarh News: ऐतिहासिक बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए माँ दंतेश्वरी की डोली और छत्र जगदलपुर के लिए रवाना हुई. पुलिस जवानों ने माँ दंतेश्वरी की डोली को सलामी दी. इस बीच काफी बड़ी संख्या में लोग दंतेश्वरी माता के डोली और छत्र के दर्शन के लिए पहुंचे.
Chhattisgarh News: 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की कई रस्में बेहद ही रोचक हैं. इन्हीं रस्मों में से एक बेहद महत्वपूर्ण रस्म काछन गादी को परंपरागत तरीके से बुधवार देर शाम पूर्ण किया गया.