मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा, कहा, '50 मिनट तक बातचीत हुई. इस दौरान दतिया उपचुनाव की जीत को लेकर चर्चा की गई. आशुतोष तिवारी बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ता हैं. दतिया सीट अच्छे वोटों से जीतेंगे. मैं एक कार्यकर्ता की तरह चुनाव में प्रचार करूंगा.'
नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा कि कार्यकर्ताओं में काफी रोष है. लेकिन हम सभी कार्यकर्ताओं को मना लेंगे. जो पार्टी कहेगी, मैं वही सब करूंगा. मेरी नाराजगी किसी से नहीं है. कांग्रेस अभी तक भाजपा को समझ नहीं पाई है.
पहली बार दतिया उपचुनाव की चर्चा देश भर में इस तरीके से हो रही है कि इस विषय पर आम नागरिकों के साथ-साथ कई दिग्गज नेता भी अपने-अपने मत पेश कर रहे हैं. वहीं इस बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के संस्थापक और नगीना संसदीय क्षेत्र के सांसद चंद्रशेखर रावण ने बताया कि इस बार दतिया उपचुनाव में वे किसका पत्ता काटेंगे.
इन दिनों दतिया उपचुनाव मध्य प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. कल बीजेपी ने उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की सूची जारी की थी, जिसमें इस बार आशुतोष तिवारी को जगह मिली है. दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का नाम इस तरह अचानक कट जाना सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है. उम्मीदवारों की सूची आने के बाद पहली बार नरोत्तम मिश्रा अपने घर से बाहर निकले हैं.
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, 'बीजेपी तमिलनाडु में एक सीट जीती है, तो क्या वोट काट रही है. केरल में एक-दो सीट मिलती है. तो क्या वोट काटती है. ये पूरी बेल्ट बहुजन समाज की है.'
आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि संगठन ने एक सामान्य कार्यकर्ता पर विश्वास जताया है और वह पूरी निष्ठा एवं मेहनत के साथ चुनाव लड़ेंगे.
राजेंद्र भारती ने कहा, 'आशुतोष तिवारी को लेकर जनता में कोई नाराजगी नहीं है. पार्टी में इस तरह के विरोध होते रहते हैं. लेकिन ना तो जनता और ना ही पार्टी कार्यकर्ताओं को आशुतोष तिवारी से कोई दिक्कत है.'
नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों में भारी आक्रोश है. दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा समेत पूरी कार्यकारिणी ने इस्तीफा दे दिया है.
मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और अपने नेता के समर्थन में जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं ने ग्वालियर में हाईवे जाम कर दिया है.
आशुतोष तिवारी दतिया के भांडेर के आसपास के रहने वाले हैं और अभी प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी की जिम्मेदारी भोपाल में संभाल रहे थे. आरएसएस के बेहद करीबी है.