Dhar Bhojashala: मध्य प्रदेश के धार जिला स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा और नमाज दोनों हुईं.
Dhar Bhojshala: मध्य प्रदेश के धार जिला स्थित भोजशाला सत्याग्रह स्थल पर बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय होते ही पूजा शुरू हो गई है. सबसे पहले मां वाग्देवी का स्वरूप विराजित कर पूजा-आरती की गई. इसके बाद हवन किया गया. भोजशाला में सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है.
Dhar Bhojshala Controversy: परमार वंश के राजा भोज ने साल 1034 में भोजशाला की स्थापना की थी. उस समय इसे सरस्वती सदन या सरस्वती कंठाभरण के नाम से जाना जाता था. इस परिसर में वाग्देवी यानी देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई थी.
Dhar Bhojshala ASI survey: ASI के द्वारा 7 अप्रैल 2003 को जारी आदेश के अनुसार जारी व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को हर शुक्रवार इस जगह नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है.
Bhojshala ASI Survey: कोर्ट ने कहा कि वहां फिजीकल खुदाई आदि ऐसा कुछ ना हो, जिससे धार्मिक चरित्र में बदलाव आ हो जाए. मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करके हिंदू पक्ष से चार हफ्ते में मांगा जवाब मांगा है.
Dhar Bhojshala ASI Survey: 30 मार्च को सर्वे टीम में 9 नये सदस्यों की एंट्री हुई अब ASI के कुल सदस्यों की संख्या 25 हो चुकी है.
Dhar BhojSala: वही अब किसी भी व्यक्ति को मोबाइल अंदर ले जाने की इजाजत नहीं है जो भी लोग नमाज या पूजा के लिए भोजशाला कमाल मोला मस्जिद में प्रवेश करेगे उनसे मोबाइल बहार ही रखवा लिया जायेगे.
Dhar Bhojshala: ASI के द्वारा 7 अप्रैल 2003 को जारी आदेश के अनुसार जारी व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है.
DHAR BHOJSHALA SURVY: भोजशाला परिसर में सुरक्षा के व्यवस्था इंतजाम किए गए हैं. परिसर में पुलिस के 100 से अधिक जवान तैनात हैं. पूरे शहर में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात है.
Bhojshala survey: पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने एएसआई का यह पत्र मिलने के बाद बताया कि भोजशाला परिसर में सर्वेक्षण के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.