Tehran Times Warning: ईरान के एक अंग्रेजी अखबार 'तेहरान टाइम्स' ने शनिवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी की है. अखबार ने फ्रंट पेज पर लिखा, "अगर विदेशी सैनिक ईरानी जमीन पर कदम रखते हैं, तो वो सिर्फ ताबूतों में ही लौटेंगे.
Donald Trump On Iran Strikes: मिडिल ईस्ट जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 10 दिनों तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
Kharg Island: ईरान ने जंग शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. ट्रंप के बार-बार चेतावनी देने के बाद भी ईरान मानने के लिए तैयार नहीं है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का तोड़ निकालने के लिए ट्रंप ने खार्ग आइलैंड पर नजर रखना शुरू कर दिया.
Middle East Tension: ट्रंप सरकार ने अमेरिकी सेना की सबसे खतरनाक यूनिट्स में से एक '82वीं एयरबोर्न डिवीजन' के लगभग 1,000 सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी की है.
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है.
Iran Israel War Update: ओमान और तुर्की के जरिए सक्रिय बैकचैनल वार्ताएं आयोजित की गई थी, जिसके बाद ट्रंप ने शांति का ऐलान किया. ट्रंप के इस फैसले के पीछे भारत ने भी अहम भूमिका निभाई है.
Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए 48 घंटे का समय दिया और कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह और बिना किसी खतरे के नहीं खोला गया, तो अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा ढांचे को खत्म कर देगी.
Iran-Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हालिया पोस्ट को देखते हुए लगता है कि जल्द ही ईरान-इजरायल युद्ध सपाप्त होने जा रहा है.
ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका के बिना नाटो एक कागजी शेर है. वे परमाणु शक्ति संपन्न ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे. अब जब यह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है और उनके लिए खतरा बहुत कम है, तो वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं.'
Pakistan Missile: पाकिस्तान इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) अपने बेडे़ में शामिल करने की तैयारी कर रहा है. जिसको लेकर अमेरिका ने चिंता जताते हुए चेतावनी जारी की है. तुलसी गबार्ड का मानना है कि पाकिस्तान अगर इन मिसाइलों को अपने बेडे़ में शामिल करता है, तो वह अमेरिकी का मौजूदा मिसाइल डिफेंस प्रणाली को चुनौती दे सकता है.