न्यायालय ने से पारित आदेश में दोषी आयशा बी को धारा 193 IPC के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना न चुकाने पर 30 दिन का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा. दोषी को जेल भेजने का वारंट जारी कर दिया गया है.
मुन्नालाल यादव ने पार्षद पर एफआईआर दर्ज करने के साथ ही उन्हें पद से हटाने की मांग की है. यादव ने इस पत्र की कॉपी कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर को भी भेजी है. साथ ही सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है.