चंपई सोरेन का राज्य में बड़ा रसूख है. आदिवासी नेता चंपई सोरेन की पकड़ राज्य की राजनीति में ऐसी है कि हेमंत सोरेन जब गिरफ्तार हुए तो कहा जा रहा था कि उनकी पत्नी कल्पना सोरेन सीएम बनेंगी, लेकिन उन्होंने बाजी मार ली.
यह कोई पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ के नेताओं की ड्यूटी झारखंड में लगाई गई हो. छत्तीसगढ़ का पड़ोसी राज्य होने के कारण झारखंड में इससे पहले भी लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अन्य मंत्रियों को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
जब मीडिया ने उन्हें याद दिलाया कि राज्य में चुनाव से पहले नई पार्टी बनाने के लिए उनके पास ज्यादा समय नहीं बचा है, तो सोरेन ने कहा, "यह आपकी समस्या नहीं है."
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है. चक्रधरपुर स्टेशन पर अतिरिक्त ट्रेन की व्यवस्था की गई है.
Jharkhand News: हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा होने के कुछ दिनों बाद 4 जुलाई को तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली है. शपथ ग्रहण समारोह 7 जुलाई को होना था.
NEET-UG का आयोजन NTA ने 5 मई को किया था, जिसमें लगभग 24 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था. परिणाम 14 जून को आने वाला था लेकिन इसे 4 जून को ही घोषित कर दिया गया.
झारखंड बीजेपी में भी बवाल मचा हुआ है. हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने दुमका संसदीय सीट से हार का ठीकरा स्थानीय बीजेपी नेताओं पर फोड़ा है.
मुठभेड़ टोंटो और गोइलकेरा इलाके में हुई है. मारे गए चारों नक्सलियों पर सरकार ने इनाम का ऐलान कर रखा था.
Home Ministry: केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के चार जिले- गिरिडीह, गुमला, लातेहार ओर लोहरदगा में धीरे-धीरे नक्सलियों की मौजूदगी कम हुई है या नक्सली घटनाओं में कमी दर्ज हुई.
India Today- Axis My India के मुताबिक, बिहार में INDIA गठबंधन को 48 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. राज्य की 40 सीटों में से NDA को 29-33 सीटें मिलने का अनुमान है.