World's tallest Shivling in Kashi: हिंदू धर्म ग्रंथों में भगवान भोलेनाथ को सृष्टि के मालिक के रूप में बताया गया है. देश के कोने-कोने में भगवान शिव की मूर्ति और शिवलिंग स्थापित हैं. वहीं वाराणसी एक ऐसा शहर है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह भगवान शिव के त्रिशूल पर बसा हुआ है. शास्त्रों में भी यह बताया गया है कि काशी के कण-कण में भगवान शंकर विराजमान हैं और यहां इतने शिवलिंग हैं, जिनकी गिनती कभी नहीं की जा सकती. अब काशी शहर में एक और शिवलिंग स्थापित किया जाएगा, जो विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा. जानकारी के अनुसार, इस शिवलिंग को बनाने के लिए नगर निगम की तरफ से जगह का चयन भी कर लिया गया है. वहीं यह भी कहा जा रहा है कि भगवान शंकर का यह सबसे बड़ा शिवलिंग केवल 9 से 10 महीने के अंदर तैयार हो जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालु और पर्यटक दोनों इस स्थान पर जाकर दर्शन कर सकेंगे.
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है. इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है.