मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार जब बनी थी तो शोभा ओझा को महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था. लेकिन कमलानथ वाली कांग्रेस सरकार ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकी. इसके बाद शिवराज सरकार ने शोभा ओझा को पद से हटा दिया था, जिसके बाद शोभा ओझा कोर्ट चली गईं और नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई थी.