Bihar Monsson Session 2025: तेजस्वी यादव ने मतदाता सत्यापन के लिए मांगे जा रहे 11 दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा. इस दौरान मुख्यमंत्री और तेजस्वी के बीच तीखी बहस हुई.
बिहार में कुल अपराधों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, हत्या जैसे जघन्य अपराधों में लालू-राबड़ी के दौर के मुकाबले करीब 40% की कमी आई है. लेकिन, हाल के कुछ सालों में चोरी, डकैती और हत्या जैसी घटनाओं में इजाफा जरूर देखा गया है.
सिक्के का दूसरा पहलू ये है कि सरकार पर इस "फ्री" बिजली का भारी बोझ पड़ने वाला है. जब सरकार मुफ्त में कुछ देती है, तो इसका मतलब ये नहीं कि उसकी कोई लागत नहीं होती. बल्कि, उस लागत को टैक्सपेयर्स यानी हम और आप जैसे लोग ही किसी न किसी रूप में चुकाते हैं.
Bihar News: बिहार राज्य की मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण प्रदान किया जाएगा. यह फैसला नीतीश सरकार की महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है.
Jehanabad: जहानाबाद से गया को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-83 का हिस्सा है. जिसके चौड़ीकरण का काम हाल ही में पूरा हुआ.
49 वर्षीय निशांत कुमार पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और उन्होंने बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा से पढ़ाई की है. अब तक वे राजनीति से कोसों दूर थे और अध्यात्म में रुचि रखते थे.
Bihar Election 2025: वो कहते हैं न कि 'छोटे-छोटे चूहों के कारण ही बड़ा से बड़ा जहाज डूबता है.' ये स्टेटमेंट बिहार चुनाव में छोटी-छोटी पार्टियों पर सटीक बैठता है. राज्य के चुनाव में लालू और नीतीश के चुनावी गणित को फेल करने में बिहार में उभर रहीं पार्टियां अहम् किरदार निभा सकती हैं.
Bihar Election 2025: नीतीश कुमार ने ऐलान किया है कि अब राज्य के वृद्धजनों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को हर महीने मिलने वाला 400 रुपये की पेंशन लगभग तीन गुना बढ़ा दी गई है.
बीजेपी जानती है कि नीतीश कुमार का अपना एक कोर वोट बैंक है और उनका अनुभव गठबंधन के लिए जरूरी है. इसलिए, चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा ताकि उनके समर्थक NDA के साथ बने रहें. दूसरी ओर बीजेपी बिहार में अपनी जड़ों को और मजबूत करना चाहती है और अंततः अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है.
पिछले कुछ समय से बिहार, खासकर पटना में गोलीबारी की घटनाएं बढ़ी हैं. अकेले पटना में एक हफ्ते में छह लोग मारे गए. ऐसे में सरकार का ये कदम न सिर्फ चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए जरूरी है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी अहम है.