ग्रामीणों का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या ये है कि मात्र 100 मीटर की दूरी पर वन विभाग की भूमि लगी हुई है. वन परिक्षेत्र ओरछा के साथ ही अभ्यारण भी जुड़ा हुआ है. कंपनी से निकलने वाले हानिकारक रासायनिक पानी से अभी तालाब में मछलियों की ही मौत हुई. अगर ये पानी छोटी नदी में पहुंचकर जमीन और बितवल नदी में भी पहुंचता है तो इसमें लोगों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.
असाटी गांव के एक गरीब ड्राइवर की बेटी कामिनी कुशवाहा का चयन नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है, जिसको लेकर आज कृतिका फाउंडेशन के सभी संस्थापक दिल्ली से नेवाड़ी बच्ची को सम्मानित करने के लिए पहुंचे थे.
MP News: निवाड़ी में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से खींचतान हो रही थी. संगठन और सत्ता के बीच नाम को लेकर विवाद जारी था