Maha Kumbh 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को प्रयागराज जाएंगे. इस दौरान वह महाकुंभ में संगम तट पर पवित्र स्नान करेंगे.
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में तीसरे अमृत स्नान के दौरान श्री रविशंकर जी महाराज रावतपुरा सरकार ने देशवासियों को महाकुंभ का महत्व बताया. साथ ही जनता से पेड़ लगाने की अपील भी की.
Maha Kumbh 2025: ब्रह्म मुहूर्त से अमृत स्नान शुरू होते ही सबसे पहले नागा साधुओं ने हर हर महादेव के उद्घोष के साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई. इस दौरान नागा साधुओं का भव्य जुलूस देखने को मिला.
Budget Session: महाकुंभ भगदड़ को लेकर यूपी सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जनहित याचिका दाखिल की गई थी. जिसके बाद आज इस मामले में सुनवाई होनी थी. लेकिन SC ने इस याचिका को ख़ारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट जाने को कहा है. वहीं, CJI ने महाकुंभ भगदड़ को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
Maha Kumbh 2025: आस्था की डुबकी लगाने के लिए कोई ट्रेन से तो कोई फ्लाइट से यहां पहुंच रहा है. लेकिन इस दौरान फ्लाइट टिकट महंगे और ट्रेनों में टिकट की कमी साफ देखने को मिल रही है. ऐसे में एक शख्स स्कूटी से 1500 किलोमीटर की यात्रा तय कर महाकुंभ पहुंच गया है.
प्रयागराज-प्रतापगढ़ सीमा पर तक़रीबन 40 हज़ार वाहनों को रोका गया है. इसके अलावा प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर भी 50 हज़ारों गाड़ियों का रेला है.
Maha Kumbh Stampede: कुंभ मेले में हादसों का इतिहास बहुत पुराना है. आज से पहले साल 1954 में मौनी अमावस्या के दिन ही संगम तट पर भगदड़ मचने से करीब 800 लोगों की जान चली गई थी.
Maha Kumbh Stampede: मौनी अमावस्या के मौके पर स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचे. इस दौरान रात करीब 1.30 बजे बैरिकेड टूटने से भगदड़ मच गई. जानिए अब तक क्या-क्या हुआ.
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी ने बताया कि इस वक्त 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज में हैं. इतनी बड़ी तादाद में भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल होता है.
जैसे ही किराए में इस बेतहाशा वृद्धि की खबरें सामने आईं, यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गरमा गया. आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था का मजाक करार दिया. उन्होंने कहा, "जो किराया पहले 5,000-8,000 रुपये के बीच था, वही अब 50,000-60,000 रुपये तक पहुंच गया है.