Kharmas 2025: खरमास को लेकर लोगों का मानना होता है कि इस समय कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता, लेकिन सच्चाई यह है कि खरमास केवल मांगलिक कार्यों पर रोक लगाता है, बाकी शुभ काम और पुण्य के लिए यह महीना बहुत खास माना जाता है.
New Year 2026 Rashifal: द्रिक पंचांग के अनुसार, नए साल 2026 के पहले महीने यानी जनवरी में ही सूर्य-मंगल की युति से 'विस्फोटक राजयोग' बनने जा रहा है, जहां 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे.
Tulsi Leaf With Chandan Significance: हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, तुलसी का पौधा भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसीलिए शास्त्रों में इसे 'विष्णुप्रिया' के नाम से भी संबोधित किया गया है. मंदिर में तुलसी के पत्ते पर चंदन लगाकर अर्पित करने का मुख्य उद्देश्य श्रीहरि को प्रसन्न करना और उनकी विशेष कृपा प्राप्त करना होता है.
Kalpavas Ritual 2026: 'कल्पवास' का अर्थ है एक तय समय के लिए प्रभु की शरण में रहना. आध्यात्मिक नजरिए से देखें तो यह सांसारिक सुख-सुविधाओं और मोह-माया को छोड़कर कुछ समय के लिए पूरी तरह ईश्वर की भक्ति में डूबने की साधना है.
Mahalakshmi Rajyog 2026: ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के अनुसार, नए साल 2026 का महालक्ष्मी राजयोग मेष राशि वालों के लिए भाग्यशाली समय लेकर आ रहा है. इस योग के प्रभाव से मेष राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा.
Astrology Predictions 2026: ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आने वाले नए साल 2026 में बृहस्पति, शनि और बुध जैसे प्रमुख ग्रहों की चाल का प्रभाव देखने को मिलेगा. इन ग्रहों की विशेष स्थिति कुछ राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी और अनुकूल रहने वाली है.
New Year 2026: नए साल का पहला दिन (1 जनवरी 2026) सभी लोगों के लिए बहुत खास होता है. माना जाता है कि नए साल की शुरुआत जिस एनर्जी के साथ की जाए वो हमारे पूरे साल पर असर डालती है.
Today's Horoscope: मकर राशि वालों के लिए आज का दिन प्रभाव और प्रताप में वृद्धि दिलाने वाला रहेगा. आपको जीवनसाथी की ओर से कोई उपहार प्राप्त हो सकता है.
Wedding Muhurat Dates: इस साल, खरमास 16 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 15 जनवरी 2026 तक रहेगा. इस दौरान किसी भी तरह के शुभ काम जैसे शादी, मुंडन और धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाते हैं.
Tulsi Diwas 2025: तुलसी पूजन दिवस के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी नहाकर साफ कपड़े पहने और पूजा का संकल्प लें. जिसके बाद तुलसी के पौधे के चारों ओर सफाई करें और जल चढ़ाएं.