Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के दौरान घर के मुख्य दरवाजे पर ताजे आम के पत्तों का तोरण लगाना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, तोरण लगाने से घर शुद्ध होता है और माता रानी का वास होता है. इससे परिवार में आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं और एक-दूसरे के प्रति लगाव बढ़ता है.
Kharmas Vastu Tips: शास्त्रों के अनुसार, खरमास में मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए क्योंकि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों के दुष्परिणाम मिल सकते हैं. शादी-विवाह और मुंडन से लेकर बच्चों के अन्नप्राशन तक सभी शुभ कार्यों को करना पूरी तरह वर्जित माना गया है.
Chaitra Navratri 2026: ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 3 प्रमुख शुभ योगों में होने वाली है. इन योगों में शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग शामिल हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से ये तीनों योग शुभ कार्यों के लिए बेहद अनुकूल माने जा रहे हैं.
Chaitra Purnima 2026: उत्तर भारत में हर साल चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर भगवान हनुमान जी का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और साथ ही हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ किया जाता है.
Kharmas 2026: खरमास जिसे मलमास भी कहा जाता है. हिंदू पंचांग के मुताबिक जब राशियों के राजा यानी सूर्य, बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं. इस दौरान सूर्य तेज मंद हो जाता है.
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में सजावट के लिए शीशा या आईना लगाना एक बड़ी चूक मानी जाती है. किचन मुख्य रूप से 'अग्नि' का स्थान है और यदि आईने में चूल्हे की जलती हुई आग दिखाई देती है, तो इससे घर में अग्नि तत्व असंतुलित होकर बढ़ जाता है.
Kharmas 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव जब एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं, तो इस प्रक्रिया को संक्रांति कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साल में एक नहीं बल्कि दो बार खरमास का महीना आता है और ये दोनों ही समय बहुत महत्वपूर्ण होते हैं.
Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, नव वर्ष के शुरुआती दिन बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर पूरे वर्ष की परिस्थितियों और संभावित घटनाओं का आकलन किया जाता है. धर्म ग्रंथों के अनुसार, यह नया साल विशेष रहने की संभावना है.
Vastu Tips For Home: वास्तु शास्त्र के अनुसार, किराए के मकान में हमेशा साफ-सफाई रखें और खुशनुमा वातावरण बनाए रखें. इसके अलावा, पूजा स्थल पर हनुमान जी का चित्र या मूर्ति स्थापित करें और नियमित रूप से उनकी आराधना करें.
Shani Asta 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, शनि देव 13 मार्च 2026 दिन शुक्रवार को शाम 7 बजकर 13 मिनट पर मीन राशि में गोचर करेंगे. करीब 40 दिनों तक इस राशि में अस्त रहने के बाद 22 अप्रैल 2026 दिन बुधवार को सुबह 4 बजकर 49 मिनट पर वे दोबारा उदय होंगे.