Solar Eclipse 2026: वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में तो होता है लेकिन पृथ्वी से बहुत दूर होता है. चंद्रमा की दूरी पृथ्वी से ज्यादा होने के कारण वह सूरज को पूरी तरह नहीं ढंक पाता है. इस वजह से सूर्य का किनारा चमकता हुआ दिखाई देता है
Rajyog Astrology 2026: फरवरी की शुरुआत में 3 फरवरी 2026 को बुध कुंभ राशि में जाकर राहु के साथ मिलेंगे. इसके बाद 6 फरवरी को शुक्र, 13 फरवरी को सूर्य और 23 फरवरी को मंगल भी कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे.
Marriage Shubh Muhurat: ज्योतिषीय गणना के अनुसार शुक्र अस्त चल रहा है. ये पिछले साल 31 दिसंबर 2025 को अस्त हुआ था. अब शुक्र का उदय 1 फरवरी 2026 को होगा.
Basant Panchami Visarjan Rules: हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार, मां सरस्वती की मूर्ति बसंत पंचमी के अगले दिन यानी षष्ठी तिथि को विसर्जन करना शुभ माना गया है.
Basant Panchami 2026: हर त्योहार में किसी ना किसी वस्तु को विशेष माना गया है. उसी तरह बसंत पंचमी में भी पीले वस्त्र और पीले रंग के फूल को शुभ माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती के पूजा के लिए पीले रंग के फूलों का उपयोग करना लाभकारी माना जाता है.
Basant Panchami 2026: ज्योतिषी शास्त्र के अनुसार, इस दिन शिवयोग का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे बसंत पंचमी का महत्व और बढ़ जाएगा. वहीं ग्रहों के ये खास योग इस पर्व को बेहद फलदायी बनाने वाले हैं.
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज आगे बताते हैं कि उनके अनुभव के अनुसार, अपनी साधना को हमेशा गुप्त रखना चाहिए. अपनी रोज़मर्रा की आध्यात्मिक दिनचर्या को भी सबके सामने प्रकट नहीं करना चाहिए. इसके अलावा, जो भजन आप करते हैं, उसके बारे में दूसरों को पता न चले तो वही भजन फल देता है.
Jupiter-Earth And Sun Alignment 2026: नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि शनिवार को दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर जुपिटर, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे. इस समय जुपिटर की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किमी होगी.
Magh Mela 2026 Snan: इस साल मकर संक्राति के मौके पर माघ मेले के दूसरे स्नान का महासंयोग बन रहा है. जानें शुभ मूहूर्त के बारे में-
Ketu Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में केतु को एक रहस्यमयी छाया ग्रह और 'साउथ नोड' माना गया है, जो अचानक और गहरे जीवन परिवर्तनों के लिए जाना जाता है. द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 25 जनवरी 2026 को केतु का महत्वपूर्ण नक्षत्र संचरण होने जा रहा है.