यह मामला इसलिए और भी गंभीर हो गया है क्योंकि ट्रंप ने तीन अलग-अलग मौकों पर यह दावा किया है कि भारत को अमेरिका से 21 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली. हालांकि, एक अन्य रिपोर्ट में यह कहा गया था कि यह फंडिंग बांग्लादेश के लिए थी, न कि भारत के लिए. लेकिन ट्रंप ने इसे लेकर साफ कहा कि दोनों देशों को यह मदद मिली थी.
S Jaishankar: अमेरिका से भारत लाए गए 104 भारतीयों के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया था. जिसके बाद से विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा था. अब इस पूरे मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में बयान दिया है. उन्होंने अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने का मामला कोई नया नहीं है.
इस समारोह में जयशंकर के शामिल होने और उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद है.
लोकसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कहा कि पाकिस्तान के साथ आतंकवाद मुक्त संबंध चाहते हैं.
PM Narendra Modi: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पीएम मोदी के साथ अपने काम करने का अनुभव शेयर किया है. अपने शेयर अनुभव में उन्होंने कहा कि 'पीएम नरेंद्र मोदी एक डिमांडिंग और इंटरैक्टिव बॉस हैं.'
External Affairs Minister S Jaishankar: बता दें कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ऑस्ट्रेलिया में हैं. एस जयशंकर के ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पेनी वोंग ने इन घटनाओं को भारतीय समुदाय के लिए "परेशान करने वाला" बताया.
S Jaishankar: विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मुंबई काउंटर-टेररिज्म का एक अहम प्रतीक है, न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए." उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य रहते हुए काउंटर-टेररिज्म कमेटी की अध्यक्षता भी की थी.
S Jaishankar In SCO Summit: एससीओ समिट को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान-चीन के सीपीईसी प्रोजेक्ट के कारण भारतीय संप्रभुता के उल्लंघन का मुद्दा उठाया है.
जयशंकर ने सम्मेलन के दौरान भारतीय हाई कमीशन का भी दौरा किया. इस दौरे में उन्होंने वहां के अधिकारियों से मुलाकात की और भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की.
S Jaishankar In Islamabad: पाकिस्तान ने अगस्त माह में प्रधानमंत्री मोदी को SCO की बैठक में शामिल होने के लिए न्योता भेजा था, लेकिन दोनों देशों के बीच चल रहे खराब रिश्तों के चलते भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इस बैठक में शामिल हो रहे हैं.