UPI: डिजिटल पेमेंट और यूपीआई ने लेन-देन को बेहद आसान बना दिया है. लेकिन कई बार जल्दबाजी में लोग गलत यूपीआई आईडी पर पेमेंट कर देते हैं. आरबीआई ने इस समस्या को देखते हुए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं.
UPI: सामान्य तौर पर UPI से एक दिन में अधिकतम ₹1 लाख तक का लेन-देन किया जा सकता है. कुछ बैंकों ने संख्या की सीमा भी तय की है, जैसे SBI और HDFC बैंक में P2P ट्रांजैक्शन की अधिकतम 20 लिमिट/दिन.
सरकार UPI धोखाधड़ी रोकने के लिए नया कदम उठा सकती है. NPCI 31 अक्टूबर से प्राप्तकर्ता द्वारा शुरू किए जाने वाले पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ‘पुल’ ट्रांजैक्शन बंद करेगा. यह फैसले की सूचना बैंकों और फिनटेक कंपनियों को दी जा चुकी है.
भारत के डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म UPI ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. हाल ही में, इसने एक ही दिन में 70 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
Utility News: SBI अपने को-ब्रांडेडस, UCO बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएसबी, करूर वैश्य बैंक, अलाहाबाद बैंक के साथ मिलकर कुछ प्रीमियम कार्ड्स पर 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का कवर देता था जोकि अब अगस्त माह से बंद किया जा रहा है.
ये कोई जादू नहीं, बल्कि एक कमाल की सुविधा है जिसे USSD बेस्ड मोबाइल बैंकिंग सर्विस कहते हैं. इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको इंटरनेट की ज़रूरत नहीं पड़ती. सिर्फ एक फीचर फोन और मोबाइल नेटवर्क काफी है.
HDFC Bank: 8 जून 2025 को एचडीएफसी बैंक में आवश्यक सिस्टम मेंटेनेंस के कारण कई डिजिटल बैंकिंग सेवाए अस्थायी रूप से बंद रहेंगी.
भारत सरकार ने डिजिटल पेमेंट फ्रॉड को रोकने के लिए एक नया सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत कुछ मोबाइल नंबरों को "रिस्की" यानी जोखिम भरे नंबर की श्रेणी में डालकर उन पर UPI ट्रांजैक्शन को ब्लॉक या लिमिट किया जा रहा है.
UPI से पेमेंट करने पर ग्राहकों को 2 प्रतिशत तक का कैशबैक मिल सकता है. इससे लोग ज्यादा से ज्यादा UPI का इस्तेमाल करेंगे. जो देश में कैशलेश पेमेंट तो बढ़ावा देगी.
डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए NPCI ने एक नया नियम लागू किया है. इसके तहत 30 जून 2025 से UPI से किसी को भी पेमेंट करने से पहले, युजर्स को पेमेंट रिसीव करने वाले का बैंक में सत्यापित असली नाम दिखाई देगा.