FASTag Port: नया FASTag खरीदने का झंझट खत्म! अब आसानी से बदल सकेंगे बैंक, जानें नया नियम

FASTag Port: अभी अगर कोई FASTag यूजर अपने मौजूदा बैंक की सेवाओं से खुश नहीं है और किसी दूसरे बैंक का FASTag लेना चाहता है, तो उसे नया टैग खरीदना पड़ता है. पुराने FASTag को वाहन से हटाकर नया टैग लगाना होता है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक इसी झंझट से बच सकेगा.
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FASTag नया नियम

FASTag Port: FASTag इस्तेमाल करने वाले करोड़ों वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. सरकार FASTag में ऐसी सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिसस ग्राहक बिना नया FASTag खरीदे अपना बैंक बदल सकेंगे. यानी वाहन पर लगा FASTag वही रहेगा, लेकिन उसका Issuer Bank बदला जा सकेगा. इस सुविधा को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तर्ज पर शुरू करने की योजना है.

FASTag वही रहेगा बदलेगा सिर्फ बैंक

अभी अगर कोई FASTag यूजर अपने मौजूदा बैंक की सेवाओं से खुश नहीं है और किसी दूसरे बैंक का FASTag लेना चाहता है, तो उसे नया टैग खरदना पड़ता है. पुराने FASTag को वाहन से हटाकर नया टैग लगाना होता है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक इसी झंझट से बच सकेगा. मौजूदा FASTag को ही नए बैंक के साथ लिंक किया जा सकेगा.

Rajmarg Yatra App से मिलेगी सुविधा

FASTag को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करने की सुविधा Rajmarg Yatra App पर मिलने की संभावना है. ग्राहक ऐप के जरिए अपने FASTag का Issuer Bank बदल सकेगा. सरकार इस सुविधा को ‘One Tag’ के नाम से आगे बढ़ा रही है. इसका मकसद FASTag को लेकर बैंक बदलने की प्रक्रिया को आसान और पूरी तरह डिजिटल बनाना है.

नितिन गडकरी ने दी One Tag की जानकारी

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने Global Fintech Fest 2026 में FASTag की इस प्रस्तावित सुविधा की जानकारी दी। ‘One Tag’ के जरए ग्राहकों को अपनी पसंद का FASTag बैंक चुनने की आजादी मिलेगी.सान शब्दों में कहें तो अब भविष्य में FASTag नहीं, बल्कि उसका बैंक बदला जा सकेगा.

देश में करीब 13 करोड़ FASTag

सरकार के अनुसार देश में करीब 13 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं. राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग 98 प्रतिशत टोल कलेक्शन डिजिटल तरीके से FASTag के जरिए हो रहा है. इतने बड़े यूजर बेस को देखते हुए सरकार FASTag से जुड़ी सेवाओं को और आसान बनाने पर जोर दे रही है.

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Barrier-Free Tolling पर भी जोर

सरकार भविष्य में AI, Barrier-Free Tolling और Free-Flow Mobility जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर भी काम कर रही है. इसका लक्ष्य टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने की जरूरत कम करना है. इसके अलावा Annual Pass जैसी सुविधाओं के जरिए भी टोल भुगतान को आसान बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं.

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