OneTag FASTag Porting: अब अगर आप अपने FASTag का बैंक बदलना चाहते हैं, तो अपको नया FASTag लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही गाड़ी की विंडस्क्रीन पर पहले से लगे FASTag को हटाकर नया टैग चिपकाने की परेशानी भी खत्म हो जाएगी
FASTag Port: अभी अगर कोई FASTag यूजर अपने मौजूदा बैंक की सेवाओं से खुश नहीं है और किसी दूसरे बैंक का FASTag लेना चाहता है, तो उसे नया टैग खरीदना पड़ता है. पुराने FASTag को वाहन से हटाकर नया टैग लगाना होता है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक इसी झंझट से बच सकेगा.
NHAI Rule: टोल प्लाजा पर लगे कैमरे और सेंसर वाहनों की पहचान और निगरानी में मदद करते हैं. गलत लेन में जाने पर सिस्टम अलर्ट दे सकता है. इसके बाद मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस नियम तोड़ने वाले चालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान या ई-चालान कर सकती है.
फास्टैग की एनु्अल सालाना फीस में 2.5 प्रतिशत यानी 75 रुपये की बढ़ोतरी होने जा रही है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने FASTag Annual Pass के बारे में नोटिफिकेशन जारी किया है.
FASTag Users KYC Rules: इस नियम के बदलाव के बाद भी कुछ विशेष मामलों में ही KYV की आवश्यकता होगी. इनमें FASTag के ढीले होने, गलत तरीके से जारी होने अथवा दुरुपयोग से संबंधित शिकायतें शामिल हैं.
सरकार ने अब निजी वाहनों के लिए ₹3000 प्रति वर्ष का एक वार्षिक FASTag पास पेश किया है, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी.
इन सारे विवादों को खत्म करने और यात्रा को और आसान बनाने के लिए, 15 अगस्त 2025 से एक बिल्कुल नया FASTag-आधारित पास सिस्टम लॉन्च होने जा रहा है. ये पास निजी वाहन मालिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा.
सरकार अब फास्ट टैग के लिए एक नई पास सुविधा शुरु करने जा रही है. जिसके तहत 3000 रुपये के पास में आप एक साल तक टोल फ्री यात्रा कर पाएंगे. इसकी शुरुआत 15 अगस्त 2025 से की जाएगी.
FASTag: देश भर में FASTag के नए नियम लागू हो गए हैं. अगर आपने इन नियमों का ध्यान नहीं रखा तो आपको दोगुना भुगतान भी करना पड़ सकता है.
इस नई तकनीक के लागू होने से यात्रियों को टोल टैक्स में राहत मिलेगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी. इसके अलावा, टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी कतारें भी कम होंगी, जिससे यात्रा के समय में भी कमी आएगी.