सड़क हादसे में घायलों का इलाज कराएगी सरकार, PM RAHAT Yojana के तहत मिलेगा 1.5 लाख रुपये तक का फ्री इलाज

PM RAHAT Scheme: PM RAHAT का पूरा नाम Road Accident Victims' Hospitalisation & Assured Treatment Scheme है. इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की जान बचाना और उन्हें जल्द से जल्द बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है. सरकार की इस पहल से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो आर्थिक परेशानी के कारण अस्पताल में इलाज शुरू नहीं करा पाते हैं.
PM RAHAT Scheme

PM राहत योजना से मिलेगा पैसा

PM RAHAT Scheme: सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद कई बार पैसों की कमी के कारण लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता. लेकिन अब ऐसी परेशानी से राहत मिलने वाली है. केंद्र सरकार ने सड़क हादसों में घायल लोगों को तुरंत मेडिकल सुविधा देने के लिए PM RAHAT योजना शुरू किए है. इस योजना के तहत दुर्घटना मे घायल व्यक्ति को बिना पैसे जमा किए अस्पताल में भर्ती कराया जा सकेगा और उसका इलाज किया जाएगा.

क्या है PM RAHAT स्कीम?

PM RAHAT का पूरा नाम Road Accident Victims’ Hospitalisation & Assured Treatment Scheme है. इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की जान बचाना और उन्हें जल्द से जल्द बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है. सरकार की इस पहल से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगा, जो आर्थिक परेशानी के कारण अस्पताल में इलाज शुरू नहीं करा पाते हैं.

कितने रुपये तक मिलेगा फ्री इलाज?

  • इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा.
  • सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, घायल व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी.
  • यह सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ योजना में शामिल निजी अस्पतालों में भी मिलेगी.
  • सबसे खास बात यह है कि अस्पताल मरीज या उसके परिवार से इलाज शुरू करने से पहले एडवांस पैसे की मांग नहीं कर सकेगी.
  • इलाज का खर्च सरकार की ओर से निर्धारित सीमा के अंदर उठाया जाएगा.

दुर्घटना होने पर कैसे मिलेगा योजना का लाभ?

  • सड़क हादसा होने पर सबसे जरूरी होता है कि घायल व्यक्ति को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया जाए.
  • ऐसे में PM RAHAT योजना के तहत मदद पाने के लिए कुछ आसान स्टेप्स अपनाने होंगे.
  • सबसे पहले दुर्घटना होने पर राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करना होगा.
  • इसके बाद एम्बुलेंस को दुर्घटनास्थल पर भेजा जाएगा.
  • एम्बुलेंस के जरिए घायल व्यक्ति को नजदीकी चिन्हित हॉस्पिटल पहुंचाया जाएगा.
  • अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज का इलाज बीनी किसी शुरुआती भुगतान के शुरू किया जाएगा.
  • इस तरह घायल व्यक्ति को पैसों की व्यवस्था करने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

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