308 पहिए, 135 फीट लंबी मशीन… 6 महीने में भी नहीं पहुंच सका ‘महाबली ट्रक’
308 पहिए, 135 फीट लंबी मशीन... 6 महीने में भी नहीं पहुंच सका 'महाबली ट्रक'
Massive Machine Transport Challenge: देश में इन दिनों 308 पहियों वाला ‘महाबली ट्रक’ खूब वायरल है. ट्रक जहां से गुजर जाता है देखने वालों की भीड़ लग जाती है. यह ट्रक बेल्जियम से भारत पहुंचा है, जो 164.28 टन वजनी है. इसे उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ले जाया जा रहा है. ट्रक को पहुंचाने में 4 महीने बीत चुके हैं. अभी लगभग 20-25 दिन और लगने की संभावना है.
बेल्जियम से इस विशाल मशीन को समुद्री रास्ते से भारत भेजा गया. जहां करीब 1 महीने के सफर के बाद ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा. ओडिशा से ट्रक में लादकर लखीमपुर खीरी पहुंचाया जा रहा है. खास बात है कि जिस ट्रक पर यह मशीन लादी गई है. उसमें 308 पहिए हैं. मशीन की भी लंबाई करीब 41 मीटर से ज्यादा है.
बिहार के रास्ते UP में किया प्रवेश
हैरानी बात है कि यह ट्रक ओडिशा से करीब 4 महीने पहले चला था, लेकिन अभी तक पहुंच नहीं पाया. क्योंकि रास्ते में जगह-जगह ऊंचाई, चौड़ाई और सड़क से जुडे़ अवरोध सामने आए. जिसकी वजह से विशाल ट्रक एक दिन में 5 से 10 किलोमीटर ही चल पाता है. हालांकि ट्रक बिहार के रास्ते यूपी की सीमा में प्रवेश कर गया है.
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देखने के लिए लगती है भीड़
अब महाबली ट्रक वाराणसी की ओर रवाना हो गया है. संभावना है कि 20-25 दिनों में अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच जाएगा. इस मशीन को लखीमपुर खीरी के ग्राम कुंभी में बलरामपुर चीनी मिल द्वारा बनाए जा रहे बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए ले जाया जा रहा है. खास बात है कि इस ट्रक को देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ लग जाती है.