अखिलेश यादव ने बंद कमरे में की अपर्णा से बातचीत, पत्नी और बेटियों को ढांढस बंधाया
अखिलेश यादव ने अपर्णा से बंद कमरे में की मुलाकात
UP News: भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार की सुबह निधन हो गया. प्रतीक बुधवार तड़के अपने घर पर बने किचन पर अचानक गिर पड़े. आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी. आज गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठ धाम भैंसाकुंड में किया गया. बुधवार को देशभर के दिग्गज नेताओं ने अपर्णा के घर पहुंचकर प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान प्रतीक के बडे़ भाई पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पहुंचे थे. उन्होंने प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव से बंद कमरे में काफी देर तक बातचीत की. हालांकि, इस दौरान अखिलेश यादव और अपर्णा के बीच क्या बातचीत हुई. इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.
प्रतीक यादव के निधन के बाद बुधवार को ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद बॉडी को घर लाया गया. जैसे ही शव घर लाया गया. पूरा परिवार घर पहुंच गया. चाचा शिवपाल यादव, भाभी डिंपल यादव और भाई अखिलेश यादव भी घर पहुंचे. पूरा परिवार अपर्णा यादव और उनकी बेटियों को ढ़ाढ़स बंधाया. इस दौरान काफी देर तक अखिलेश यादव ने अपर्णा यादव के साथ बातचीत की. पूरा परिवार साथ रहा. आज अंतिम संस्कार के दौरान भी परिवार के लोग प्रतीक को अंतिम विदाई देने पहुंचे.
गंभीर बीमारी से ग्रसित थे प्रतीक
प्रतीक यादव की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. करीबी लोगों में शोक की लहर है. जो भी श्रद्धांजलि देने पहुंचा. उसकी आंखें नम रहीं. प्रतीक को श्रद्धांजलि देने के लिए सभी दलों के राजनेता उनके निवास पहुंचे थे. खुद सीएम योगी ने अपर्णा के घर पहुंचकर प्रतीक को श्रद्धांजलि दी. जानकारी के अनुसार, प्रतीक पिछले कुछ समय से पल्मोनरी एंबॉलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. हालांकि, अब उनका स्वास्थ्य ठीक हो गया था, लेकिन बुधवार की सुबह उन्होंने अचानक दुनिया को अलविदा कह दिया.
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बंद कमरे में अखिलेश ने की अपर्णा यादव से मुलाकात
फिलहाल, अखिलेश यादव और अपर्णा की बंद कमरे में मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. अखिलेश यादव ने भाई की मौत पर परिवार को ढ़ाढस बंधाया. जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह जब प्रतीक यादव की तबीयत खराब हुई. उस दौरान उनकी दोनों बेटियां घर पर ही मौजूद थीं. प्रतीक की मौत से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ पड़ी.