UP News: मऊ के महादेव घाट मंदिर में रील-वीडियो बनाने पर रोक, आपत्तिजनक कंटेंट पर होगी कार्रवाई, पुलिस बल तैनात
महादेव घाट मंदिर
UP News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्थित प्रसिद्ध महादेव घाट मंदिर परिसर में अब रील और वीडियो बनाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थल की मर्यादा भंग करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रतिबंध के बावजूद अश्लील या आपत्तिजनक वीडियो बनाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
रील बनाने वालों की बढ़ी भीड़ से बिगड़ा माहौल
बीते कुछ समय से मऊ के अलावा आसपास के जिलों से भी युवक-युवतियां महादेव घाट मंदिर पहुंचकर रील और वीडियो बना रहे थे. इसके चलते मंदिर परिसर में अनावश्यक भीड़ बढ़ रही थी. कई मौकों पर विवाद, मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं भी सामने आईं. धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक सामग्री बनाए जाने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस पर सख्ती करने का फैसला लिया.
श्रावण में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या, पुलिस ने लिया संज्ञान
पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने बताया कि तमसा नदी के किनारे स्थित महादेव घाट मंदिर में श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है. इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा बिना किसी जरूरत के रील और वीडियो बनाए जाने की जानकारी पुलिस को मिली थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है.
महिला पुलिस समेत अतिरिक्त बल तैनात
मंदिर और घाट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. महिला पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है. पुलिसकर्मी परिसर में आने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, ताकि किसी तरह की अश्लीलता, अभद्रता या अन्य अनुचित गतिविधि न हो.
स्थानीय पुलिस और महिला थाना कर रहे निगरानी
स्थानीय पुलिस, क्षेत्राधिकारी नगर और महिला थाना की टीम लगातार मंदिर परिसर की निगरानी कर रही है. नगर पालिका के सहयोग से श्रद्धालुओं और अन्य लोगों को भी रील बनाने पर लगाए गए प्रतिबंध की जानकारी दी जा रही है. लोगों से धार्मिक स्थल की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की अपील की जा रही है.
नियम तोड़ा तो होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मंदिर परिसर में आपत्तिजनक वीडियो या रील बनाने, अश्लील गतिविधि करने अथवा धार्मिक स्थल की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग करने और मंदिर की पवित्रता बनाए रखने की अपील की है.
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