‘गाजियाबाद के DM हनुमान हैं’, अपनी ही दुकान पर 22 साल बाद कब्जा मिलने पर भावुक हुए बुजुर्ग दंपती

22 सालों तक न्याय के लिए भटकने के बाद अपनी दुकान पर कब्जा पाने वाले बुजुर्ग दंपती भावुक हो गए. उन्होंने गाजियाबाद के जिलाधिकारी की तुलना भगवान हनुमान से कर दी. बुजुर्ग दंपती ने कहा कि जो काम कोई नहीं कर पाया. वो डीएम रविंद्र कुमार ने करके दिखा दिया.
Elderly couple gets emotional after regaining possession of their shop in Ghaziabad after 22 years.

गाजियाबाद में 22 साल बाद दुकान पर कब्जा मिलने के बाद भावुक हुए बुजुर्ग दंपती.

UP News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुजुर्ग दंपती की आंखें खुशी से उस वक्त नम हो गईं, जब अपनी दुकान पर उन्हें 22 साल बाद कब्जा मिला. न्याय के लिए बरसों भटक रहे बुजुर्ग दंपती को उनकी ही दुकान पर मालिकाना हक खुद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने दिलवाया. मंगलवार को उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में अवैध कब्जा हटवाकर दुकान की चाबी दिलवाई.

नगर पालिका से लीज पर ली थी दुकान

गांधी नगर के रहने वाले दंपती प्रमोद बत्रा और सुमन बत्रा ने बताया कि उन्होंने साल 1992 में नगर पालिका से लीज पर दुकान ली थी. उन्होंने कई सालों तक जूस की दुकान की. दुकान ठीक-ठाक चलती थी और उससे घर का खर्च भी चल जाता था. लेकिन अचानक तबीयत खराब होने के कारण दुकान बंद करनी पड़ी. दुकान बंद होने से कस्टमर ना चले जाएं, इसलिए दुकान चलाने की जिम्मेदारी मोहम्मद इमामुद्दीन मलिक नाम के एक शख्स को दे दी. इस दौरान इमामुद्दीन दुकान चलाता रहा. जब तबीयत सही होने के बाद दंपती दुकान पर पहुंचे ते इमामुद्दीन ने दुकान खाली करने से मना कर दिया.

न्याय के लिए 22 साल भटकता रहा दंपती

इसके बाद दंपती ने पुलिस से लेकर प्रशासन तक सभी अधिकारियों के ऑफिस की दहलीज पर खटखटाया. लेकिन उन्हें कहीं भी न्याय नहीं मिला. समय इतना बीता कि दोनों बुजुर्ग हो गए. सभी जगह थक हारकर बुजुर्ग दंपती जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे. डीएम ने बुजुर्ग दंपती को आश्वासन दिया कि अगर जमीन उनकी है तो वे उन्हें कब्जा जरूर दिलवाएंगे.

इसके बाद दस्तावेजों की जांच करवाई गई. जांच में पाया गया कि बुजुर्ग दंपती सच बोल रहे हैं. दुकान पर उन्हीं दोनों का मालिकाना हक है. स्क्रीनिंग कमेटी की मंजूरी के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी पुलिस और प्रशासन की टीम लेकर खुद मौके पर पहुंचे और दुकान खाली करवाई.

‘जिलाधिकारी हमारे लिए हनुमान हैं’

22 सालों तक न्याय के लिए भटकने के बाद अपनी दुकान पर कब्जा पाने वाले बुजुर्ग दंपती भावुक हो गए. उन्होंने गाजियाबाद के जिलाधिकारी की तुलना भगवान हनुमान से कर दी. बुजुर्ग दंपती ने कहा कि जो काम कोई नहीं कर पाया. वो डीएम रविंद्र कुमार ने करके दिखा दिया.

वहीं डीएम के बुजुर्ग दंपती को उनकी दुकान पर मालिकाना हक दिलवाने के बाद हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है. लोगों का कहना है कि इस तरह की प्रशासनिक कार्रवाई से लोगों में न्याय के लिए हमेशा आशा बनी रहती है.

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