राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर पुजारी महासंघ की पीएम मोदी को चिट्ठी, कर दी ये बड़ी मांग
राम मंदिर अयोध्या
Pujari Mahasangh letter PM Modi: अयोध्या के राम मंदिर का चंदा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है. हर रोज कई आरोप लग रहे हैं तो कई तरह की नई-नई चीजें भी सामने आ रही हैं.यही वजह है कि इसका विरोध भी अब यूपी के साथ-साथ देशभर में देखने को मिल रहा है. अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद ने अब नया रूप ले लिया है. देशभर के पुजारियों के संगठन अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है.
संगठन का कहना है कि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि को लेकर सामने आए आरोपों ने श्रद्धालुओं के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
पुजारी संघ ने की कई मांग
महासंघ ने अपने पत्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग भी उठाई है. संगठन का तर्क है कि यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की पुष्टि होती है तो मंदिर प्रबंधन व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाने चाहिए. साथ ही पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है ताकि लोगों का विश्वास बना रहे.
क्यों गहरा गया इतना विवाद?
यह विवाद तब और गहरा गया जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर सवाल उठाए और करोड़ों रुपये के कथित गड़बड़ी के आरोपों की जांच की मांग की. इसके बाद मामला राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया.
विवाद बढ़ने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. सरकार का कहना है कि यह कदम तथ्यों को सामने लाने और सभी आशंकाओं को दूर करने के लिए उठाया गया है. वहीं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी निष्पक्ष जांच का समर्थन किया है.
एसआईटी रिपोर्ट पर सबकी नजर
अब निगाहें SIT की जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दान राशि को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होगी.
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